विकास कार्यों की निगरानी के लिये पंचायत प्रतिनिधियों समेत ग्रामीणों ने बनाई निगरानी समिति,पेयजल-यूपी निर्माण निगम-आरएडब्लू निशाने पर

  • संतोष साह

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की मुनस्यारी तहसील अंतर्गत जिला पंचायत सरमोली वार्ड के 25 गांवों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिये यहाँ एक उच्च स्तरीय निगरानी कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में 28 लोगों को सदस्य बनाया गया है। निगरानी कमेटी के निशाने पर जल निगम,जल संस्थान यूपी निर्माण निगम व ग्रामीण निर्माण विभाग हैं जिनकी शिकायत पर अभी तक कोई कार्यवाही न होने पर जनता को साथ लेकर आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है। जिला पंचायत सदस्य सरमोली जगत मर्तोलिया की पहल पर आज ब्लॉक सभागार में निगरानी समिति बनाये जाने पर सहमति बनी। बैठक में विभिन्न निर्माण कार्यों में विभागों द्वारा मनमाने ढंग से कार्य करने और घटिया सामग्री का उपयोग करने की भी आवाज उठी।मुनस्यारी में 1 करोड़ 74 लाख की पेयजल योजना के निर्माण में हुए घपले की जांच धीमी होने पर भी आपत्ति जताई गई। डीडीहाट में ग्रामीण निर्माण विभाग के निर्माण पर एसडीएम द्वारा निर्माण सामग्री सील किये जाने के बजाय सिर्फ शिकायत पत्र को डीएम के पास भेजे जाने को लेकर समिति ने कहा कि विभाग को बचाने के कृत्य का विरोध किया जाएगा।
बैठक में जो निगरानी समिति गठित की गई उसमे राजेन्द्र सिंह को आरटीआई सेल व टेक्निकल पार्ट,देव सिंह बोरा को लीगल सेल,बीएसएफ के रिटायर्ड कमांडेंट श्री राम सिंह धर्मसत्तु को निगरानी सेल का संयोजक बनाया गया है। बैठक में यह भी तय हुआ कि कमेटी की हर माह बैठक होगी। कमेटी की ग्राम स्तर पर भी शाखा बनेगी ताकि ग्रामीण विकास पर भी नजर रखी जा सके। बैठक में तुलसी देवी,शांति दसपा,नेहा पांगती,बसंती बृजवाल,कालू राम,बीरू बृजवाल,धाम सिंह,रघुनाथ रावत,भूपेंद्र जंगपांगी,देव सिंह पापड़ा, एडवोकेट हरीश चिराल, विनोद पांगती, कैलाश कोरंगा आदि मौजूद थे।

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