उत्तरकाशी : गढ़वाली बोली में पहली बार रामलीला मंचन की विधायक केदार ने की सराहना,भगवान राम के आदर्शों से सीख लेने का भी किया आह्वान

  • संतोष साह

 

उत्तरकाशी में श्री आदर्श रामलीला समिति द्वारा पहली बार गढ़वाली बोली में रामलीला के शुभारंभ के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि हमे भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेने के साथ ही उनके आदर्शों पर चलना होगा। उन्होंने साफ कहा कि यूनिटी बड़े मायने होती है न कि वोट की राजनीति। विधायक श्री रावत ने कहा कि पिछले चार साल में भारतवर्ष में कई ऐतिहासिक कार्य हुए। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हम अपने ही अंग जम्मू कश्मीर में तिरंगा भी नहीं फहरा सकते थे मगर आज 370,35ए को खत्म कर हमारा तिरंगा,संविधान वहाँ लागू हो चुका है। राम मंदिर की अवधारणा पूर्ण हो चुकी है। आल वेदर के साथ ही विकास के पथ को आगे बढ़ाते हुए देश के प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासपरक सोच के नतीजन पहाड़ में भी रेल पहुंचाने का कदम अग्रसर हो चुका है। उन्होंने गंगोत्री व यमुनोत्री तक भी रेल मार्ग के लिये हरी झंडी मिल जाने को लेकर कहा कि इससे पहाड़ में आने वाले समय मे यहाँ के संसाधनों से ही उद्योग लगाने में कामयाब हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टेशन पहाड़ के विकास में मददगार साबित होगी। इसके अलावा विधायक ने कहा कि सरकार हवाई सेवा के लिये भी निरंतर प्रयासरत है। विधायक ने टीकाकरण, अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट, निःशुल्क राशन के अलावा केंद्र व राज्य सरकार द्वारा तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से ले रही है। इससे पूर्व उन्होंने श्री आदर्श रामलीला समिति को गढ़वाली बोली में रामलीला का मंचन कराये जाने पर बधाई देते हुए बहुत प्रशंसा भी की।

इस मौके पर रामलीला समिति के संरक्षक उमेश बहुगुणा, अध्यक्ष गजेंद्र मटूड़ा,अध्यक्ष व्यापार मंडल रमेश चौहान, मुख्य उदघोषक जयेन्द्र पंवार, ब्रह्मनंद नौटियाल, दिनेश नौटियाल, अजय बडोला,जलमा राणा,अरविंद राणा,भूपेंद्र भंडारी,तस्दीक खान,विजय प्रकाश भट्ट समेत अन्य मौजूद थे।

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