उत्तरकाशी : प्रवासी गांव लौटे नगदी फसल उगाने, उगाया मगर वाजिब दाम नहीं मिले

  • संतोष साह

रंवाई घाटी के नौगांव ब्लॉक में चोपड़ा पट्टी खाटल इलाके में सोबत राणा कोरोना लॉक डाउन के कारण प्रवासी होकर गांव परिवार सहित लौटे। खेती शुरू की। दस हजार टमाटर की पौध लगाई लेकिन कमाई तो दूर इन्हें टमाटर का वाजिब दाम भी नहीं मिला। इनका कहना है कि मंडी मे टमाटर के रेट मे भारी गिरावट के कारण 50 से 150 ₹ मे एक क्रेट जिसमें 25 किलो टमाटर आता है ये स्थित है।

इनका कहना है कि 60 ₹ खेत से मंडी तक का भाडा होने से 110 रुपये मे प्रति क्रेट किसानों को मिल रहा है इससे किसानों का मनोबल नगदी फसलो के प्रति कम हो रहा है और किसानों की उम्मीद कम होती जा रही है। प्रवासी श्री राणा का कहना है कि एक तरफ बेरोजगारी दूसरी तरफ रेट की मार तीसरी मार लोकडॉउन की पड़ रही।

इन्होंने मनरेगा पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि एक साल तीन महीने परिवार के साथ गांव में हो गए है लेकिन अभी तक मनरेगा योजना के द्वारा कोई कार्य नही दिया गया जबकि एक साल में 100 दिन का रोजगार मिलना चाहिए था। इनका यह भी कहना है कि सरकार पलायन को रोकने की बात कर रही है और किसान की दुगुनी आय की बात कर रही है लेकिन हालात ठीक नहीं हैं।

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