उत्तरकाशी : कोरोना को लेकर फिर से जागरुकता जरूरी,नियम तोडे तो होगी सख्ती,बार्डर पर कोविड से सर्वाधिक प्रभावित प्रदेशों से आने वाले व संदिग्ध का होगा टेस्ट : डीएम दीक्षित

  • संतोष साह

जिला कलक्टर मयूर दीक्षित ने शनिवार को मीडिया के समक्ष कोविड संक्रमण को लेकर ऐतिहाती कदम,टीकाकरण समेत कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर बेबाक जानकारी सामने रखी। उन्होंने कहा कि कोविड नियंत्रण में पूरे स्टेट में उत्तरकाशी मॉडल की तारीफ इस बात का प्रमाण है कि हम अपने जिले में कोविड नियंत्रण के कार्यों को लेकर कहीं आगे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से आम जन तक यह संदेश भी जाना जरूरी हो गया है कि अभी हम कोविड से उभरे नहीं है।

कोरोना की दूसरी स्टेज जो कि देश के कई प्रदेशों में तेजी से बढ़ रही है उसको देखते हुए एक बार फिर से सजगता के साथ जागरूकता लानी जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा इसके लिये मीडिया की भी जिम्मेदारी बढ़ गई है कि लोग कोविड को लेकर फिर से ऐतिहाती कदम उठाएं। यानि मास्क,सोशल डिस्टेंस जरूरी हो गया है।

डीएम ने कहा कि इसके प्रचार-प्रसार के लिये भी तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर इन सब के बावजूद भी यदि लापरवाही सामने आती है तो सख्ती बरती जाएगी और किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। श्री दीक्षित ने कहा कि सार्वजनिक समारोह,जनसभा आदि को भी नियम के तहत गुजरना होगा अन्यथा एसओपी के तहत जो भी निर्देश हैं उसी के तहत कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि कोविड नियंत्रण के लिये बाजारों में सोशल डिस्टेंस न होने व मास्क आदि का प्रयोग न होने पर इस पर पुलिस प्रशासन भी सख्ती करेगा।

उन्होंने कहा कि यह इसलिये भी जरूरी है कि ताकि कोरोना जैसे संक्रमण आने की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि कोई एक संक्रमित भीड़ में कई लोगों को संक्रमित कर सकता है।
डीएम ने कहा कि जिले के बॉर्डर नगुण व डामटा में कोरोना को देखते हुए संदिग्ध या फिर कोरोना प्रभावित बाहरी स्टेट से आने वालों की सैंपलिंग जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग जिनमे व्यापारी भी शामिल हैं उनकी आवाजाही में कोई सैंपलिंग नही होगी।

डीएम ने कोविड टीकाकरण को लेकर जिले के नंबर वन में होने के साथ ही कोविड नियंत्रण व प्रभावी कदम उठाने में जिले को पूरे स्टेट में उत्तरकाशी मॉडल की पहचान मिलने को लेकर कहा कि इसके लिये प्रशासन,फ्रंट लाइन वर्कर समेत सभी का सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि इसे बरकरार रखने के साथ ही कोविड पर नियंत्रण रखने के लिये फिर से ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि 45 से 59 साल के बीच के टीकाकरण में भी पिछले तीन दिन में हम 30 हजार का टीकाकरण कर चुके हैं।

जबकि 45 से 59 के बीच जिले में कुल संख्या 85 हजार की है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक टीकाकरण हो लिहाजा अप्रैल माह में सार्वजनिक अवकाश के दिन भी टीकाकरण होगा।

डीएम ने कहा कि जिले में पिछले तीन चार दिन में कुछ केस कोविड के आये है जिनकी ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कोरोना का कोई नया स्ट्रेन तो नहीं।
उध्रर कोविड नियंत्रण के अलावा डीएम ने जिले के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों का भी जिक्र किया। आगामी चार धाम यात्रा तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि कोविड नियंत्रण के साथ ही व्यवस्था भी सुचारू होनी हैं। यात्रा से जुड़े विभाग अपना पूरा रोल निभाएंगे।

बड़ेथी में ओपन सुरंग को यात्रा तक पूर्ण करने अन्यथा निर्माण स्थल से लगकर एक रूट मिलेगा यह फाइनल हो चुका है। यात्रा से पूर्व पार्किंग भी दुरुस्त होनी है इसके लिये छोटे-छोटे पार्किंग स्थल चिन्हित किये जा रहे हैं।इसके अलावा नगर में कूड़े के निस्तारण के लिये भी जल्द कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के कार्यों में जिला अग्रणी रहा।

मनरेगा को छोड़कर अन्य विभागों के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्र में 13 हजार लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि इस बार टॉप प्रायोरिटी में हमने शिक्षा को लिया है। जिसमे स्कूलो की दशा सुधारने से लेकर उनमे तमाम सुविधाओं को बढ़ाना है ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा के अलावा शिक्षण संस्थान में सुविधाएं भी मिले। इसके अलावा डीएम ने जिले के विकास से लेकर भावी योजनाओं व सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान जंगलो में लग रही आग को लेकर वन अधिकारी से भी मीडिया के समक्ष जवाब मांगा।

जिस पर वन अधिकारी ने अब तक 25 हेक्टेयर से अधिक जंगल जलने की बात कही और आग के कारणों में स्थानीय लोगों से सहयोग न मिलने की बात कही।
उधर बाद में जल संचय के साथ ही कैच द रेन को लेकर इसका संदेश आम जन तक पहुंचे डीएम ने सभी से एक-एक पेड़ लगाने की अपील के साथ मीडिया से जुड़े लोगों को भी एक-एक फलदार पौध भेंट की।
मीडिया से बातचीत के दौरान एसपी ददन पाल,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.डी.पी.जोशी,अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्वास, एसडीएम देवेंद्र नेगी समेत वन विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद थे।

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