उत्तरकाशी : तीसरा विकल्प मुख्यमंत्री का,मगर गंगोत्री गर्म नहीं हुई

 

  • संतोष साह

 

गंगोत्री विधानसभा में तीसरे विकल्प को लेकर जो राजनीतिक गर्माहट होनी थी उसमें खामोशी है। चंद रोज पूर्व उत्तरकाशी में कर्नल कोठियाल को आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता मनीष सिसोदिया द्वारा गंगोत्री विधानसभा से आप का उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद जिस तरह से गंगोत्री विधानसभा में एक राजनीतिक गर्माहट आनी थी और चर्चाओं का दौर चलना था वह अकसर कम सुनाई दे रहा है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की ओर से गंगोत्री विधानसभा से कर्नल कोठियाल को न केवल तीसरा विकल्प देने की बात हुई बल्कि आम आदमी पार्टी से कर्नल कोठियाल सरकार बनने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी घोषित हुए हैं। साफ है कि गंगोत्री विधानसभा से तीसरा विकल्प मतलब मुख्यमंत्री चुनाव लड़ेंगे। बीते दिनों आम आदमी पार्टी की ओर से उत्तरकाशी में रोड शो के जरिये उत्तरकाशी की गंगोत्री विधानसभा में तीसरे विकल्प को लेकर जो राजनीतिक गर्माहट लाने की कोशिश हुई और मिशन 2022 को लेकर शंखनाद किया गया उसके बाद विधानसभा में जो राजनीतिक सरगर्मी होनी थी उसमें गर्माहट जिस कदर आनी थी और चर्चाओं का दौर कहीं अधिक होना था वह पब्लिक क्या नेताओं के बीच कम ही गर्म होता नजर आया। गंगोत्री विधानसभा में मिशन 2022 को लेकर जो चर्चा और राजनीतिक गर्माहट रही तो वह पिछले दिनों पूर्व विधायक की पार्टी बदल भाजपा जॉइन करने की रही हालांकि बाद में पूर्व विधायक ने इसे अफवाह बता कर इसका खंडन किया। इधर एक अन्य चर्चा की बात विधानसभा की करें तो वह है भाजपा में दावेदारों के बीच से किसे टिकट मिलेगा।

उधर गंगोत्री विधानसभा से इस बार तीसरे विकल्प के रूप में कर्नल कोठियाल विधानसभा के लिये कोई नया नाम नहीं है। निम के प्रिंसिपल वे रहे है। उत्तरकाशी के अधिकांश गांवों में उन्होंने यूथ फाउंडेशन के जरिये युवाओं में उत्साह भरने के साथ ही उनके सेना में जाने का मार्ग भी प्रशस्त किया। 2012 में केदारनाथ में आई आपदा के बाद वहां के पुर्निर्माण कार्यों को लेकर भी कर्नल कोठियाल सुर्खियों में रहे। एक पूर्व सैनिक होने के नाते पूर्व सैनिकों से भी उनके नाते से इंकार नहीं किया जा सकता। आम आदमी पार्टी द्वारा प्रदेश में सरकार बनने के बाद जो जनता के लिये राहत वाले वादे बताए जा रहे हैं इन सब बातों को लेकर कर्नल कोठियाल गंगोत्री विधानसभा में 2022 के चुनाव में तीसरे विकल्प के तौर पर होंगे और उनका मुकाबला भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य संभावित चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों से होगा। बहरहाल अभी चुनाव आने में वक्त है,हो सकता है आने वाले दिनों में राजनीतिक गर्माहट बढ़े।

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