उत्तरकाशी : हरि महाराज की ध्वजा के नजदीक से कंकराडी व निराकोट से मांडों में हुआ तबाही का मंजर

  • संतोष साह

बीती रात हुई भारी बारिश के बीच उत्तरकाशी के कंकराडी व मांडों में जो तबाही का मंजर हुआ वह दिल दहला देने वाला हुआ। उफनते सैलाब से लोग जान हथेली पर रखकर जहां जान बचाते भागते नजर आए तो वहीं कुछ को जान भी गवानी पड़ी। मांडों में हुई तीन मौत और कंकराडी में अब भी लापता हुए एक व्यक्ति को लेकर लोग सहमे हुए हैं। इन सबके बीच प्रशासन भी राहत व बचाव में जुटा है। मुस्टिकसौड़ के चंदन सिंह राणा बताते हैं कि कंकराडी गांव के सुमन पुत्र गोकुल सिंह जो कि धान के खेतों में पानी लगाने गए थे अब तक लोटे नहीं है।

सैलाब में उनका कुछ पता नहीं। साड़ा का पुल, कई छोटी पुलिया वाश आउट हो चुकी हैं। कई मकान खतरे की जद में हैं तो कुछ मकान सैलाब के बीच आ गए। बताया जा रहा है कि हरि महाराज की ध्वजा के नजदीकी बादल फटने के बाद कंकराडी को व्यापक नुकसान हुआ जबकि खतरा अब भी बरकरार है।

उधर मांडों में भी जान-माल का नुकसान हुआ। यहाँ लोग डरे व सहमे हैं। मांडों में उसके ऊपरी गांव निराकोट के नजदीक बादल फटने के बाद तबाही मांडों गांव में हुई। यह तबाही तीन लोगों की जिंदगी लील गई। कई मकान यहाँ भी खतरे की जद में हैं। लोग कहीं अधिक डरे हैं। इस बीच प्रशासन ने उक्त प्रभावित इलाकों में पहुंचकर समुचित व्यवस्था बनाये जाने के लिये युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है मगर पिछले 17 घंटे से लगातार बारिश के चलते खतरा अभी टला नहीं इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

You may have missed