उत्तरकाशी : हाथरस के नाम पर कांग्रेस के मौन सत्याग्रह का पोस्टर ,पीड़िता के लिये न्याय माँगना जुर्म नही उसे उजागर करना जुर्म

  • संतोष साह

एक दिन पूर्व कांग्रेस के आह्वान पर जिला मुख्यालय में कांग्रेसी हाथरस में हुए कांड के विरोध में एकत्र हुए। हाथरस की बेटी के साथ जो घोर अन्याय हुआ उसकी निंदा करते हुए दोषियों को फांसी की सजा की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा मौन सत्याग्रह किया गया जो प्रजातंत्र में जायज भी है।

इस बीच कांग्रेस के इस कार्यक्रम में लगा वह पोस्टर क्या कुछ बता रहा है वह कहीं से भी गले नही उतर रहा है। हाथरस की बेटी ही क्यों न पोस्टर में लगी हो लेकिन उसे उजागर करना कानून भी नही बोलता। वह इसलिये की किसी भी दुष्कर्म पीड़िता की पहचान खोलना कानूनन अपराध है।

इस बीच कांग्रेस के इस मौन सत्याग्रह में दुष्कर्म पीड़िता की फ़ोटो पहचान कराना भाजपा को भी एक हथियार मिल गया। यह बात भी उठ चुकी है कि पोस्टर में जिस लड़की की फ़ोटो हाथरस दुष्कर्म पीड़िता को दिखाकर लगी है उसका इस पूरे प्रकरण से कोई लेना देना नही है। कम्प्यूटर, इंटरनेट के एक्सपर्ट पंकज कुशवाहा ने एक जानकारी यह भी दी कि पोस्टर में जिस महिला को दिखाया गया है दरअसल वह चंडीगढ़ निवासी मनीषा है जिसकी दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि फैक्ट चेक करने वाली बेबसाइट व न्यूज़ चैनल भी बता चुके हैं कि इस लड़की का हाथरस की पीड़िता से कोई संबंध नहीं है।

उधर इस पोस्टर को लेकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जगमोहन सिंह रावत से जब जानना चाहा तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि पोस्टर में किसी भी पीड़िता की फ़ोटो नहीं होनी चाहिये थी और यह कानूनन भी गलत है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओ को कानून की जानकारी नही रही होगी और न ही लड़की की जानकारी इसलिये यह पोस्टर बन गया। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न होने की भी बात कही।

Leave a Reply

You may have missed