रावण मेघनाथ कुंभकरण के पुतले बना रहे मुस्लिम परिवार

विशाल भटनागर/ सनसनी सुराग न्यूज

हिंदू मुस्लिम एकता का परिचय कैराना में बाबा बनखंडी महादेव मंदिर प्रांगण में तीनों पुतले बनाने में मुस्लिम कारीगर दिल जान से जुटे हुए हैं

कैराना। बुराई पर अच्छाई की जीत के त्यौहार दशहरा पर्व के लिए शहर में पिछले सैकड़ों सालों से तैयार हाेने वाले रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले बनकर कैराना में दशहरा पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इतना ही नहीं विशेषता यह है कि अधिकतर कैराना में मुस्लिम परिवार द्वारा लंकापति रावण मेघनाथ कुंभकरण के पुतले बनाए जाते हैं । यह आपसी सौहार्द्र का ही परिचायक है कि एक परिवार इतने सालाें से इस कार्य काे सहेजे हुए हैं। हालांकि यह परिवार हरियाणा पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ एवं अन्य राज्यों में भी पुतले बना चुका है


हर साल इस त्यौहार में यह परिवार एक माह तक अपने परिवार काे छाेड़कर यहां के बच्चों व शहरवासियों सहित हिंदू भाईयों काे क्या नया दे सके, इसके लिए पूरा परिवार विशेष कार्य योजना तैयार करता है। एक माह तक वह यहीं रहते हैं। इस साल भी शहर के देवी तालाब पर आयोजित हाेने वाले दशहरा त्यौहार पर कुछ नया देखने काे मिलेगा। रावण की वेशभूषा तो वैसे की वैसे ही है लेकिन प्रथम बार कैराना में रावण की पैरों की जूती पंजाबी मॉडल में तैयार हुई है। इसमें विशेष प्रकार के रंग-बिरंगे कपड़े का प्रयोग किया जा रहा है। यह कहना है रावण के पुतले तैयार करने में लगे जनपद बागपत के एक कस्बे सहारा निवासी परवेज एवं उस्मान के का। उनके साथ चार युवकों का दल आया हुआ है जो पिछले 25 दिन से बाबा बनखंडी महादेव मंदिर प्रांगण में एक साथ जुड़कर रावण मेघनाथ कुंभकरण के पुतले तैयार कर रहे हैं। बुधवार को यह पुतले आधे से ज्यादा बन चुके हैं पुतले बनाने वाले कहते हैं कि हर साल रावण काे तैयार करने में खुशी हाेती है। उनके तैयार किए हुए पुतलों काे देखने लाखाें की संख्या में लाेग अाते हैं। सबसे अधिक बच्चों के चेहरों पर खुशी देख लगता है कि उनकी मेहनत सफल हाे गई। हालांकि उन्होंने कहां की करोना काल से पुतले भी नहीं बना पा रहे थे और बीमारी के चलते सरकार द्वारा भी रोक थी लेकिन अब धीरे-धीरे बीमारी की रोकथाम होनी शुरू हो गई है और फिर से वह प्ले तैयार कर रहे हैं उन्होंने बताया कि उनके कुछ साथी पंजाब राज्य के लुधियाना में भी गए हुए हैं
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ये लगा रहे हैं सामग्री 

रावण के पुतले तैयार कर रहे कारीगरों ने बताया कि तीनों पुतले तैयार करने में लगभग 25 दिन का समय लगता है। इसमें बड़े बांस, अखबार व दूसरे पेपर गैलेक्स कागज, मैदा सहित धागा, कपड़ा सहित रंग बिरंगी डाेरी लगाई जा रही है। 

अाकर्षक रहेंगे सभी पुतले 

इस साल 35 फीट रावण का पुतला बनाया जा रहा है जो लगभग पूरा होने को है जबकि मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले 30- 30 फीट के रहेंगे। रावण की अांखें, तलवार, जूते व ड्रेस सबसे हटकर रहेगी, और पैरों की जूती विशेष रुप से पंजाब के लुक में तैयार की जा रही है

पिता व दादा से सीखी कला 
परवेज एवं उस्मान बताते हैं कि वह बचपन से अपने पिता और दादा के साथ ऐसे पुतले तैयार करते हुए देखते रहे हैं। इस कार्य में उनके भाई भी जुड़े रहे। पिता से एक तरह से यह कला विरासत में मिली। इसी कारण वही लगातार यहां रावण के पुतले बना रहे हैं। वह कहते हैं कि सभी लाेगाें के चेहरों पर खुशी व अपनापन देख वह खुश हाे लेते हैं कि उनकी मेहनत कुछ रंग लाई जाे वह इतने चेहरों काे खुशी दे सके। उन्होंने बताया कि तीनों के पुतले बनाने के लिए कैराना रामलीला कमेटी द्वारा लगभग एक महीना पूर्व उन्होंने ठेका दिया था

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