उत्तरकाशी : राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर पर्यावरण संरक्षण कार्य से जुड़े शिक्षकों को शिक्षक रत्न पुरस्कार से किया सम्मानित

 

 

  • संतोष साह

 

 

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट परिसर में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षकों को शिक्षक रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पौड़ी राठ क्षेत्र में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने वाले शिक्षक व समलौंण आन्दोलन के प्रणेता वीरेन्द्र दत्त गोदियाल, यमुनावैली के राजकीय इंटर कालेज बर्नीगाड में विद्यालय के निकट हरा-भरा वन तैयार करने वाले शिक्षक सोवेन्द्र सिंह तथा पीजी कालेज उत्तरकाशी के प्राध्यापक डाॅ. महेन्द्र पाल सिंह परमार, डाॅ. तिलक राम प्रजापति के अलावा राज्य के कुछ प्रोफेसर अन्य शिक्षकों को वर्चुअल रूप से शिक्षा रत्न सम्मान 2021 श्याम स्मृति वन पर्यावरण एवं जन कल्याण समिति एवं नैचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट सोसाइटी देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में डीएम मयूर दिक्षित द्वारा प्रदान किया गया। गौरतलब है कि 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस भारत के पहले शिक्षामंत्री भारत रत्न अबुल कलाम आजाद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वे स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे। आजाद ने महिलाओं की शिक्षा की पुरजोर वकालत की थी व उनका मानना था कि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में ही दी जानी चाहिए। शिक्षा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, पहले आईआईटी, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना की गई थी। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रताप सिंह पोखरियाल, सुभाष चन्द्र नौटियाल एवं इकोटाॅस्क फोर्स के अधिकारी मातवर सिंह वर्तवाल आदि उपस्थित थे।

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