उत्तरकाशी : राम की लीला में कोई धर्म नहीं होता,डॉ. तस्दीक खान सेवा से नही चूकते

  • संतोष साह

कहते है कि राम सभी के थे। राम के बताए आदर्शों में चलने की प्रेरणा सभी देते आये हैं। इसमे कोई संदेह नहीं कि मुस्लिम राम भक्त न हों मगर इस संदेह को दूर किया है डॉ. तस्दीक खान ने जो मुस्लिम होते हुए भी न केवल रामलीला में आस्था रखते हैं बल्कि उत्तरकाशी में श्री आदर्श रामलीला समिति से भी जुड़े हैं। यही नही समिति द्वारा इन्हें उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। तस्दीक खान मूलरूप से सब्जी-फल के कारोबारी हैं। रामलीला के दौरान इनके द्वारा आरती से लेकर अन्य सभी कार्यक्रमों के लिये निःशुल्क फल आदि का वितरण और भंडारण किया जाता रहा है। इस बार कोविड के कारण रामलीला स्थगित हुई है। समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष से गढ़वाली बोली व भाषा मे रामलीला का आयोजन होगा। उसके लिये इन दिनों कार्यशाला चल रही है। इस कार्यशाला में भी तस्दीक खान द्वारा अपना पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है।

उधर समिति की ओर कार्यशाला का क्रम जारी है। कार्यशाला में जुटने वालों में रमेश चौहान, भूपेश कुड़ियाल, जयेंद्र पंवार, राधा बलभ नौटियाल, ब्रह्म नंद नौटियाल, गजेंद्र मटूड़ा,विक्रम शाह,कमल सिंह रावत,चंद्र मोहन पंवार, महेंद्र पंवार, सुंदर लाल नाहटा,कैलाश सेमवाल, नौबर सिंह क ठेठथ ,माधव नौटियाल, प्रहलाद सिंह,विजय प्रकाश भट्ट,दिनेश नौटियाल,उमा रमण सेमवाल, तस्दीक खान,अरविंद राणा समेत अन्य शामिल हैं।

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