चिन्यालीसौड़(उत्तरकाशी):दिचली गमरी की आबादी ने ली राहत की सांस,शुक्रिया अदा किया रामसुंदर नौटियाल का

 

 

टीएचडीसी ने अधिक क्षमता वाली दो मोटर वोट चिन्यालीसौड़ भेजी तो दिचली गमरी क्षेत्र के पचास गांवों की पच्चीस हजार से अधिक की आबादी ने राहत की सांस ली। धरासू देवीसौड़ दिचली मोटर मार्ग के हडियाडी में पहाड़ी कटान और सुरक्षात्मक कार्य के चलते मोटर मार्ग पर आवाजाही प्रशासन ने बंद करवा दी लेकिन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जिस पर पूर्व राज्यमंत्री रामसुंदर नौटियाल ने लगातार जिला प्रशासन उत्तरकाशी, पुनर्वास निदेशालय टीएचडीसी नई टिहरी से संपर्क किया और मुलाकात कर दिचली गमरी क्षेत्र के पचास से अधिक गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही की पुख्ता व्यवस्था के लिए संघर्ष किया। श्री नौटियाल के संघर्ष का परिणाम था कि प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की आवाजाही के लिए वोट उपलब्ध कराई गई। पहले कम सीटर वोट भेजी गई जिससे ज्यादातर ग्रामीणों की आवाजाही नहीं हो पा रही थी। पूर्व राज्यमंत्री ने इस नाव के आकार व क्षमता पर नाराजगी जताई और ग्रामीणों की आबादी के अनुरूप अधिक क्षमता की दो नावों की व्यवस्था के लिए दौड़ धूप की जिसके उपरांत चिन्यालीसौड़ में झील तट पर अधिक क्षमता की दो बड़ी मोटर वोट पहुंची तो शादी विवाह की खरीददारी, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिन्यालीसौड़ तक की दौड़ लगाने वाले दिचली गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों के माथे से चिंता की लकीरें हट सकी। हर संघर्ष में दिचली गमरी क्षेत्र के साथ खड़े रामसुन्दर नौटियाल के अथक प्रयास और दौड़ धूप से प्रशासन ने पचास गांव की पच्चीस हजार की आबादी के लिए जब तक सड़क न खुले तब तक आवाजाही के लिए नाव की व्यवस्था कर दी है तो हडियाडी के समीप पहाड़ी कटान व सड़क मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है।

बहरहाल श्री नौटियाल ने टीएचडीसी, पुनर्वास निदेशालय, जिलाधिकारी उत्तरकाशी कार्यालय, एसडीएम, तहसीलदार, मुख्यमंत्री कार्यालय तक दर्जनों बार दूरभाष के जरिये बात करने के नतीजन व व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करने के फलस्वरूप जनता को राहत की सांस मिली।

 

ADVT

You may have missed