यमुनोत्री विधानसभा के जनमुद्दों को लेकर सड़क से शासन तक आवाज बुलंद की, जनहित के लिये पीछे नहीं हटे रामसुंदर नौटियाल

 

 

यमुनोत्री विधानसभा के चिन्यालीसौड़ से दिचली गमरी क्षेत्र में आवाजाही के लिए जब देवीसौड़ पुल झील में समा जाता था और हजारों ग्रामीणों की आवाजाही रूक जाती थी तो एक ही व्यक्ति था जो लगातार अखबार के जरिए, टीएचडीसी, जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर, धरने प्रदर्शन करके देवीसौड़ में नए पुल के निर्माण को डटा रहता। जब तक ग्रामीणों की आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था न होती वह व्यक्ति खुद मौके पर डटा रहता। देवीसौड़ पुल की स्वीकृति तक, निर्माण पूरा होने तक यह आदमी डटा रहा। जब भी मौका मिलता खबरों के जरिए या फिर कार्यकर्ताओं के साथ आम जन की आवाज बुलंद करता। यह शख्स है पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राम सुंदर नौटियाल। भाजपा के झंडे तले तत्कालीन कांग्रेस सरकार की नाकामी को लेकर आवाज बुलंद करते श्री नौटियाल यमुनोत्री विधानसभा के इकलौते ऐसे नेता हैं जो जनमुद्दों को लेकर सर्वाधिक सड़कों पर उतरे होंगे। कोई अन्य व्यक्ति अपने लिए यह दावा कर दे तो पता चले। हां, अपने निजी हितों के लिए राजनीतिक उठापटक के लिए कई नेता घूमते रहे हों लेकिन रामसुन्दर नौटियाल ही इकलौते ऐसे जननेता रहे जो हमेशा जनता के हितों को लेकर खड़े रहे और डटे रहे। आज विधानसभा चुनाव से पहले दर्जनों नेता दावेदारी करते नजर आ रहे हैं, शब्दों की मर्यादा खो रहे हैं। कभी ‌जन आन्दोलन में ‌सरीक नहीं रहे , झूठे ‌आश्वासन देखर‌ भ्रमित कर जनता के मत का अपमान कर रहे हैं, फोटो सेशन करवा रहे हैं लेकिन इन सबसे अलग रामसुन्दर नौटियाल अपनी दावेदारी के साथ ही जनता के संघर्ष के लिए उसी अंदाज में जैसे पहले रहे। पिछले दिनों गमरी मार्ग पर हडियाडी के समीप सड़क मार्ग चौड़ीकरण के से पचास गांवों की आवाजाही बंद हुई तो तीन दिन तक दिन रात ग्रामीणों की आवाजाही सरल करने के लिए व्यवस्थाओं में लगे रहे। टिहरी झील का जलस्तर बढ़ा तो उन्होंने जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक तक गुहार लगाई कि मुसीबत में पड़े परिवारों को राहत दी जाए, मदद दी जाए। लंबित सड़कों की कोई सुध नहीं ले रहा था तो रामसुन्दर नौटियाल ने शासन की चौखट पर इन बहुप्रतिक्षित सड़कों के लिए दौड़ धूप की। पूर्व राज्यमंत्री रामसुन्दर नौटियाल के बारे में जो कहते हैं कि कौन है शायद उनका जन मुद्दों से कभी वास्ता नही रहा। वह भी अपने नेताओं की तरह फोटो खिचवाने और सोशल मीडिया के स्वांग में उलझे रहे हैं।

 

ADVT