उत्तरकाशी : पूर्व हिमवीर ने हिमवीरों के साहस व जज्बे को सलाम कर कविता की समर्पित

  • संतोष साह

69 साल की उम्र पार कर चुके राधा बल्लभ नौटियाल ने 23 साल सेना में नौकरी कर सीमा व देश की रक्षा की। आईटीबीपी में रहकर उन्होंने पिथौरागढ़, जोशीमठ(चमोली),उत्तरकाशी की सीमा के अलावा पंजाब में बैंको की सुरक्षा में भी अपनी अहम ड्यूटी निभाई। 1991 में उत्तरकाशी में आये विनाशकारी भूकंप में भी सेना की ओर से राहत व बचाव कार्यों में भी जिम्मेदारी निभायी। मूलतः मातली गांव जिला उत्तरकाशी निवासी पूर्व सैनिक राधा बल्लभ नौटियाल को कविता लिखने के अलावा संगीत का भी शौक है। संगीत में गीत,भजन के अलावा हारमोनियम की धुन में भी वे परफेक्ट हैं।

 

सेना के शौर्य,आईटीबीपी के हिमवीर आदि को लेकर भी वे कविता के माध्यम से सेना के साहस व जज्बे को सलाम व याद करते हैं। गौरतलब है कि इस बार आईटीबीपी के 59वें स्थापना दिवस पर भी उन्होंने हिमवीरों को अपनी कविता समर्पित की। कविता के अलावा संगीत का भी उन्हें शौक है। संगीत को लेकर कथावाचकों के द्वारा भी उन्हें आमंत्रित किया जाता है। कुछ एक शिक्षण संस्थाओं में भी उन्होंने बच्चों को संगीत का पाठ पढ़ाया है

इस बार उत्तरकाशी की श्री आदर्श रामलीला समिति की ओर से गढ़वाली भाषा में आयोजित कार्यशाला में भी उन्होंने संगीत में अपना हुनर बताकर रामायण की पंक्तियों को गढ़वाली में भी संगीत का भी रूप दिया। जिसकी समिति की ओर से भी तारीफ की गई।

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