उत्तरकाशी : कोरोना काल ! संक्रमितों की सेवा में पर्यावरण प्रेमी का साहस भी बहुत कुछ बोलता है

  • संतोष साह

जरूरतमंदों की सेवा के लिये पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल की दिनचर्या बहुत कुछ बोलती है। उनकी तस्वीर बताती है कि वे कोरोना के इस काल के दौरान क्या कुछ कर रहे हैं। गिलोय आसानी से एकत्र नहीं होती है इसके लिये बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं। मगर श्री पोखरियाल को दाद देनी होगी कि उनकी यह मुहिम कारगर साबित हो रही है।

गिलोय के जरिये वे कोरोना से संक्रमितों के जल्द स्वास्थ्य लाभ और उनकी इम्युनिटी बढ़े इसको लेकर लगातार संघर्षशील हैं। गौरतलब है कि अब तक जिले में हजारों लीटर गिलोय को वे निःशुल्क बांट चुके हैं। उनका साफ कहना है कि कोरोना की इस त्रासदी में उनसे जितना परोपकार हो सके वे प्रयासरत हैं।

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