उत्तरकाशी : 25 से अधिक गांवों में मनाई जा रही बग्वाल,14 दिसंबर को मंगसीर बग्वाल मनेगी बाड़ाहाट में,कोविड नियम के तहत होगी सांस्कृतिक यात्रा

  • संतोष साह

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंगसीर की बग्वाल मनाई जाएगी। कोरोना के मद्देनजर इस साल सिर्फ एक दिवसीय कार्यक्रम होगा। जिसमें शाम 4 बजे वीर माधो सिंह भंडारी की याद में बग्वाल सांस्कृतिक यात्रा निकलेगी। इसमे कोविड नियमों का पालन होगा। यात्रा कंडा र देवता मंदिर से पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ रामलीला मैदान को प्रस्थान करेगी।

गढ़ भेष में इसमे महिला व पुरूष प्रतिभाग करेंगे। मंत्रोच्चार के साथ अग्नि प्रज्वलित कर भैलू पूजन किया जाएगा और अंत मे रासो,तांदी नृत्य के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। उक्त कार्यक्रम को लेकर जो बैठक हुई उसमे अनघा के अध्यक्ष हिमांशु जोशी,संयोजक अजय पुरी, मालगुजार शेलेन्द्र नौटियाल, मोहन डबराल,सुरेन्द्र गंगाड़ी,बलदेव,उम्मेद, नौबर कठेत,कृष्णा बिजल्वाण,मंगल चौहान, सुभाष कुमाई, रवि नेगी आदि मौजूद रहे।

उधर बग्वाल को लेकर अनघा माउंटेन एसोसिएशन की ओर से बताया गया कि इस बार ‘बग्वाल गांव की ओर” थीम के तहत 25 से अधिक गांवों में यह बग्वाल मनाई जा रही है जिसमे ग्राम मुखवा, भटवाड़ी, सौरा,सारी,सैंज, पाही, पिलंग, नौगांव, अगोडा, हीना, गजोली,नेताला,गनेशपुर, संग्राली, पाटा, बग्याल गांव,मांडो,बोंगा,पोखरी,बड़ेथी,साल्ड,ज्ञानजा,मानपुर,किशनपुर, लक्षेस्वर आदि प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमे ग्रामीणों को इस त्यौहार के मनाने से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत का बोध हो सके। एसोसिएशन ने यह भी बताया कि बग्वाल में अपनी संस्कृति को अक्षुण रखने हेतु प्रतिभाग करने वाली सभी ग्राम सभाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण बग्वाल को सोशल मीडिया के जरिए भी प्रसारित किया जाएगा। अनघा माउंटेन एसोसिएशन 2007 से लगातार इस पारंपरिक बग्वाल को उत्तरकाशी में मनाते आ रहा है जिसमे देश-विदेश के अतिथि भी प्रतिभाग करते रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली,मुंबई व मसूरी में भी अनघा द्वारा बग्वाल का विशेष प्रदर्शन किया जाता रहा है।

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