उत्तरकाशी : नदी-तालाब को प्रदूषण से बचाने के लिये प्लास्टिक ऑफ पेरिस के बजाय गोबर गणेश की स्थापना हो : मानस प्रेमी

  • संतोष साह

आगामी 22 अगस्त से गणेश चतुर्थी महोत्सव शुरू होगा। इस गणेश चतुर्थी को मनाने के साथ ही गणेश की मूर्ति विसर्जित करने की भी परंपरा चली आ रही है। आचार्य शांति प्रसाद मानस प्रेमी शांति साधना कुटीर मांडो वालों का कहना है कि बेशक लोग इस धार्मिक उत्सव को मनाने में गणेश की मूर्ति विसर्जित करें मगर प्लास्टिक ऑफ पेरिस का मूर्ति में इस्तेमाल न करें। उनका कहना है कि प्लास्टिक ऑफ पेरिस की मूर्तियां बनाकर जिज़ तरह नदियों और तालाबों में विसर्जन होता है उससे नदी,तालाब कहीं अधिक प्रदूषित होते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे यहाँ गोबर गणेश की पूजा प्रचलित है। जिसको लेकर वह एक संदेश विगत वर्षों से देते आ रहे हैं कि गोबर से गणेश बनाकर और उसकी पूजा कर उसे भूमि में एक सुंदर स्थान बनाकर और उसमे पानी भरकर गोबर गणेश को विसर्जित करें और एक गणेश चतुर्थी स्मृति वृक्ष भी लगाएं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने इस संदेश को महाराष्ट्र समेत अन्य कई स्थानों में कथा प्रवचन के दौरान दे चुके है और कइयों ने इसे अपना भी लिया है।

Leave a Reply

You may have missed