मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने किया अपना वादा पूरा, महाधिवक्ता से कराई प्राथमिक शिक्षक भर्ती की उच्च न्यायालय में पैरवी, डायट संघ ने किया आभार व्यक्त

 

 

  • संतोष साह

 

राज्य के सबसे चर्चित प्रकरण प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 के विवादों का सिलसिला अब खत्म होने को है, डायट संघ प्रशिक्षितों में आज खुशी की लहर है।

विगत 27 दिनों से निदेशालय में दिन रात के क्रमिक अनशन पर धरनारत डायट डीएलएड प्रशिक्षित शासन के ढीले रवैये से परेशान व हताहत थे। रक्षाबंधन के दिन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को डायट डीएलएड की महिला प्रशिक्षितों द्वारा राखी बांधने पर उनके आशीर्वाद के रूप में अपनी मांग रखते हुए महाधिवक्ता द्वारा उच्च न्यायालय में लंबित वादों की पैरवी करवाने की गुहार लगाई थी। शिक्षा मंत्री द्वारा वादा किया गया था कि 1 सितंबर को होने वाली सुनवाई में पैरवी महाधिवक्ता द्वारा की जाएगी। उधर उच्च न्यायालय में काफी समय से लंबित प्राथमिक शिक्षक भर्ती के केस की राज्य सरकार की ओर से पैरवी महाधिवक्ता द्वारा करे जाने पर डायट संघ में खुशियों की लहर ह

है। शिक्षा मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करने गए संघ प्रशिक्षितों व मीडिया के समक्ष शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि डायट डीएलएड प्रशिक्षित भावी शिक्षक हैं जो विभागीय परीक्षा व प्रशिक्षण उत्तीर्ण कर विद्यालय में जाने हेतु पूर्ण रूपेण योग्य हैं। कोर्ट केस के निर्णय उपरांत इन प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 को 20 दिनों में पूरा कर इन बच्चों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा व शिक्षकों के प्रति अतिसंवेदनशील है जिसके चलते ये भर्ती हमारी सरकार ही पूरी कराएगी।

इसके उपरांत डायट संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को भी धन्यवाद ज्ञापित किया। इधर डायट डीएलएड संघ के प्रदेश सचिव हिमांशु जोशी ने बताया कि संघ द्वारा जिन मांगों के पूरे करने के बाबत धरना किया जा रहा था उनमे से एक मांग को सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया जिससे संघ में खुशी का माहौल है। उन्होंने बताया कि अब केवल दिन का धरना ही भर्ती पूरी होने तक जारी रहेगा। संगठन ने भी बताया कि वे अभी धरने पर बने रहेंगे ताकि नियुक्ति की प्रक्रिया तेज गति से पूर्ण हो सके।

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