हाथ मे कुदाल और दरांती लेकर खेतों में रहने वाली महिलाओं ने अब सिलाई में भी बढ़ाया हाथ,स्कूल यूनिफॉर्म तैयार कर जीवन को आगे बढ़ाने की कोशिश

  • संतोष साह

हाथ मे कुदाल और दरांती लेकर खेतों में रहने वाली पिथौरागढ़ जिले के ग्राम पंचायत रियासी की महिलाओं ने अब स्कूल यूनिफॉर्म बनाकर जीवन को बदलने के लिये कदम आगे बढ़ाया है। कोरोना काल मे बंद हुआ सिलाई का प्रशिक्षण इस गांव में फिर शुरू हो गया है। यहाँ दो बैच में 60 महिलाएं इस हुनर को सीख रही हैं।

ओएनजीसी देहरादून से प्रायोजित तथा सोसाइटी फार एक्शन इन हिमालय के बैनर तले मूनाकोट विकास खंड के रियासी ग्राम पंचायत की महिलाओं का प्रशिक्षण बीते साल शुरू हुआ था मगर कोरोना के चलते सवा महीने बाद प्रशिक्षण बंद हो गया। इस बीच यहाँ फिर महिलाएं अपने सुनहरे भविष्य को बनाने के लिये एक स्थान में जमा हुई हैं। महिलाओं को प्रशिक्षण तुलसी साह दे रही हैं। निवर्तमान डीएम श्री जोगदडे ने उक्त प्रशिक्षण का शुभारंभ किया था तब शुभारंभ के मौके पर वहाँ के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को भी यूनिफॉर्म की खरीद की गारंटी के लिये भी बुलाया गया था।

उक्त प्रशिक्षण की आयोजक संस्था के अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने बताया कि हर साल जिले में 4 करोड़ रुपये का स्कूली यूनिफॉर्म बाहर से आता है। हमारी योजना है कि हम 10 गांवों की 600 महिलाओं को तैयार कर महिला आजीविका को लेकर क्रांतिकारी कदम उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोरो ना काल में भी महिलाओं ने मास्क तैयार कर आय के साथ नाम भी कमाया।

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