कर्मचारियों की स्थायी पेंशन की मांग राजनीतिक दल अपने चुनावी घोषणा पत्र में करे शामिल : मर्तोलिया

 

  • संतोष साह

पिथौरागढ़ के जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने आज स्थाई पेंशन की मांग कर रहे कर्मचारियों के पक्ष में एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव लड़ रहे हैं राजनीतिक दल अपने चुनाव घोषणापत्र में स्थाई पेंशन पुनः लागू करने को शामिल करें । उन्होंने सवाल उठाया कि विधायक व सांसदो को पेंशन दी जा रही है, तो फिर मेहनतकश कर्मचारियो को क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि पेंशन नहीं तो “नोटा” पर फोकस कर अभियान चलाया जाय। उन्होंने कहा कि इसी के आधार पर राज्य तथा केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अपना मत का प्रयोग करना चाहिए
उन्होंने कहा कि स्थाई पेंशन योजना कर्मचारी के सुरक्षित भविष्य की नींव थी। जिसे किसी भी सूरत में हासिल किया जाना जरूरी है। श्री मर्तोलिया ने कहा कि भारतीय सेना तथा विधायक एवं सांसदों को ही स्थाई पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है जबकि अन्य सभी कर्मचारी वर्गों को इस पेंशन सुविधा से वंचित कर दिया गया है । उन्होंने इसे कर्मचारियों के लिए अन्याय बताते हुए कहा कि पेंशन से कर्मचारियों का सेवानिवृत्ति के बाद का भविष्य आर्थिक एवं सामाजिक रुप से सुरक्षित होता था। इस अधिकार को छीन लेना न्याय संबंधी नहीं है।उन्होंने कहा कि जीवन भर सरकारी सेवा करने के बाद कर्मचारियों को आशा होती थी कि वह अपना अंतिम जीवन अपने पेंशन से जी लेगा , लेकिन सरकारों ने छल के द्वारा तथा निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए पेंशन का अधिकार कर्मचारियों से छीन लिया। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से इस मांग के लिए कर्मचारियों का साथ दे रहे हैं। जिला पंचायत पिथौरागढ़ की बैठक में प्रस्ताव पारित कर राज्य तथा केंद्र सरकार को भेज चुके हैं ।
श्री मर्तोलिया का कहना है कि निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी भी अगर शपथ पत्र देकर इस मांग का समर्थन करते हैं तो इससे कर्मचारियों के इस आंदोलन को बल मिलेगा।