केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट शीत काल के लिये हुए बंद, बद्रीनाथ के कपाट 20 नवम्बर को होंगे बंद

 

  • संतोष साह

 

आज श्री केदारनाथ धाम व यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिये बंद हो गए। अब 20 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

आज शनिवार भैयादूज यम द्वितीया पर अपराह्न 12 बजकर 15 मिनट पर विधि-विधान पूर्वक यमुनोत्री धाम के कपाट बंद कर दिये गये हैं। यमुनोत्री में कपाट बंद होने के अवसर पर बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित, श्रद्धालुजन, स्थानीय लोग मौजूद रहे । कपाटबंद होने के बाद मां यमुना की जयकारों के साथ उत्सव डोली ने शीतकालीन गद्दी स्थल खरसाली हेतु प्रस्थान किया। डीएम उत्तरकाशी मयूर दीक्षित ने बताया कि इस यात्रा वर्ष में श्री यमुनोत्री धाम तैंतीस हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री को मिलाकर कुल 66हजार से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन को पहुंचे है। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल एवं प्रतिकूल मौसम के बावजूद सभी विभागों के परस्पर समन्वयन से तीर्थयात्रा सुचारू रूप से संचालित हुई।

उधर कपाट बंद होने के अवसर पर यमुनोत्री में पूर्व राज्यमंत्री जगवीर भंडारी, मंदिर समिति पदेन अध्यक्ष व एसडीएम बड़कोट शालिनी नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज आर्य, डिप्टी सीएमओ डॉ.आर.सी. आर्य, मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल, उपाध्यक्ष राजश्वरूप उनियाल, प्यारे लाल उनियाल,जय प्रकाश उनियाल, अनिरुद्ध उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल समेत बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

इधर भैया दूज के अवसर पर आज प्रात: 8 बजे शीतकाल हेतु श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो गए। सेना के बैंड बाजों की भक्तिमय धुनों के साथ कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी विग्रह मूर्ति विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में विराजमान होगी।

उल्लेखनीय है कि 18 सितंबर से शुरू हुई चार धाम यात्रा में दो लाख चालीस हजार से अधिक यात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये। कपाट बंद होने से एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी केदारनाथ पहुंचे जबकि आज केदारनाथ धाम के कपाट बंद होते समय उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन,डीएम मनुज गोयल, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. डी. सिंह, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल,एसडीएम जितेंद्र वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।

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