उत्तरकाशी : कंडाली फेस्टिवल में कंडाली के व्यंजनों का लुत्फ उठाया,भंकोली इंटर कॉलेज में हुआ फेस्टिवल

  • संतोष साह

पहाड़ में कंडाली को हर कोई जानता है। इस कंडाली का औषधीय व पोषणीय महत्व भी है। स्पेक्स व हिमालय प्लांट बैंक के सहयोग से गंगोत्री विधानसभा के गांव भंकोली के इंटर कॉलेज में कंडाली महोत्सव मनाया गया। इस महोत्सव में छात्रों द्वारा तैयार कंडाली के प्रोडक्ट यानि रेशे की प्रदर्शनी के साथ कंडाली की बर्फी,कंडाली काफली, कंडाली सूप, कंडाली चाय, कंडाली खीर जैसे व्यंजनों को तैयार कर उसका लुत्फ भी उठाया।

महोत्सव में प्राकृतिक रंगों से होल्यार का रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। महोत्सव में मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र पाल सिंह परमार ने कंडाली के विशिष्ट गुणों पर वैज्ञानिक जानकारी दी साथ ही इस पर लघु शोष करने के नुस्खे भी बताए। फार्मेसी प्रोफेसर महेश भट्ट ने कंडाली के औषधीय महत्व पर छात्रों को जानकारी दी। रिंगाल व रेशे परिषद के जिला समन्वयक विपिन पंवार ने उत्तराखंड में कंडाली के रेशे से तैयार होने वाले वस्त्र व अन्य उत्पादों पर जानकारी सी।

शिल्प रत्न से सम्मानित सी.एल.विश्वकर्मा ने कंडाली की लकड़ी व सजावटी सामग्री पर सुझाव व जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. शंभू प्रसाद नौटियाल ने कहा कि कंडाली महोत्सव को करने के पीछे इस महत्वपूर्ण वनस्पति पर मंडरा रहे खतरे को भांपते हुए कंडाली की दोनो स्थानीय प्रजाति कामन नेटल व ढोलन हिमालयन नेटल के व्यापक महत्व को समझाना है साथ ही गाजर घास,लेटाना व कालाबासा के अतिक्रमण से बचाना है।

महोत्सव में प्रधानाचार्य कामदेव सिंह पंवार, अगोडा प्रधान मुकेश पंवार, रंगमंच से जुड़े संजय पंवार, गणेश पंवार, दिनेश रावत के अलावा शिक्षक सुदीप रावत,सुभाष कोहली,दीपेंद्र,अनुपम ग्रोवर,अर्चना पालीवाल, मनीषा पंवार समेत छात्र-छात्राएं उपस्थित रही।

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