कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में अस्थायी व्यवस्था किये बगैर पुराने पुल को तोड़े जाने पर पंचायत प्रतिनिधियों में बीआरओ के खिलाफ रोष

  • संतोष साह

कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ चीन सीमा के लिये बने तवाघाट-लिपुलेख मोटर मार्ग में ज्योति गाड़ में पुल से यातायात बंद किये जाने को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है। बीआरओ द्वारा बगैर अस्थायी यातायात की व्यवस्था किये पुराने पुल को तोड़े जाने पर पंचायत प्रतिनिधि भड़क गए हैं। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने इसकी शिकायत डीएम पिथौरागढ़ से की है।

उन्होंने डीएम को अवगत कराया कि बिना अस्थायी व्यवस्था के बीआरओ ने चीन सीमा को जोड़ने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा के मोटर मार्ग को कैसे जन सामान्य यातायात के लिये बंद कर दिया। लिहाजा इसकी उच्च स्तरीय जांच हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मोटर मार्ग पर तत्काल प्रभाव से यातायात बहाल न किया गया तो पंचायत के प्रतिनिधि बीआरओ कार्यालय का घेराव करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष श्री मर्तोलिया ने बताया कि बीआरओ पिछले 20 दिन में न तो पुल खड़ा कर पाई है और न ही वैकल्पिक रास्ता। पुल न होने से लोग जान जोखिम में डालकर रास्ते पार कर रहे हैं। किसी भी प्रकार का सामान आर पार नही जा पा रहा है। पुल न होने से सीमान्त इलाके के जयकोट, पांगला,रूंग,सिरखा,सिरदांग,कुरीला, बंगवा,ताकुल,बुंगबुंग, गाला, जिप्ति, बूंदी,कुटी, नप्लचु,गरवियांग,रोंक, कॉन्ग,गूंजी में रोजमर्रा के सामान की दिक्कत हो गई है। सेना,पैरा आर्मी के लिए रोजमर्रा के सामान के साथ आवश्यक रसद की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है साथ ही कही अधिक परेशानी बढ़ गई है।

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