उत्तरकाशी : पहले डीएम दीक्षित जिन्होंने आधुनिक सुविधाओं के साथ जिला पुस्तकालय को नया स्वरूप दिया

  • संतोष साह

मयूर दीक्षित जिले के पहले डीएम जिनके अभिनव प्रयास से जिला पुस्तकालय की तस्वीर बदली है। बताते चलें कि इससे पहले जिला पुस्तकालय के हालात खराब थे और किसी ने भी इस लाईब्रेरी की शायद ही सुध ली हो लेकिन डीएम श्री दीक्षित के अभिनव प्रयास से अब जिला पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं के साथ नए स्वरूप में बदला है।

उत्तरकाशी में पढ़ने वाले बच्चों के लिये यह लाइब्रेरी जहाँ सभी तरह की परीक्षाओं के लिये बहुआयामी साबित होगी तो वहीं अन्य लोगों के अध्ययन के लिये भी कारगर होगी। यह बात उन्होंने आज जिला पुस्तकालय के रूपांतरण के लोकार्पण के अवसर पर कही।

उन्होंने कहा कि जो बच्चे किन्ही कारणवश या आर्थिक स्थिति के चलते विभिन्न प्रतियोगी किताबों को पढ़ने से वंचित रहते थे वे अब जिला पुस्तकालय में बनाई गई सुविधा का लाभ ले सकते हैं। श्री दीक्षित ने कहा कि जिले में शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिये अथक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने जिला पुस्तकालय में अन्य आवश्यकताओं को जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा।

इससे पूर्व डीएम ने पुस्तकालय में विभिन्न किताबों के रख रखाव को व्यवस्थित रखने में जिन अध्यापक व अध्यापिकाओं ने कार्य किया उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार सेमल्टी ने बताया कि पुस्तकालय में लगभग 45 हजार पुस्तकें वर्गीकरण की गई हैं ताकि पुस्तकालय में पढ़ने वाले बच्चों व पाठकों को विषयवार किताबें आसानी से मिल सकें।

उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें डीएम के प्रयासों से भी प्राप्त हो चुकी हैं। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना,खंड शिक्षा अधिकारी डुंडा विक्रम जोशी,लाइब्रेरियन अखिलानंद भट्ट,प्रिंसिपल इंटर कॉलेज आनंद मोहन भट्ट समेत शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद थी।

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