उत्तरकाशी : इंटर कॉलेज नेताला में स्पर्श गंगा दिवस व नदी उत्सव मनाया

 

 

  • संतोष साह

 

 

रा.इ.का. नेताला में एनएसएस शाखा द्वारा स्पर्श गंगा कार्यक्रम व नदी उत्सव कार्यक्रम में गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डाॅ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने स्वंय सेवियों को गंगा जल गुणवत्ता परीक्षण की विधियों की जानकारी दी साथ ही कहा कि हमारे जल संसाधन हमारे देश के लिए पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक मूल्य के हैं और यदि जल गुणवत्ता घटेगी तो ये संसाधन अपना मूल्य खो देंगे। गंगाजल असाधारण चिकित्सीय गुणों के साथ कुछ रासायनिक गुणों से भरपूर है व गंगा जल में आक्सीजन का उच्च स्तर इसको एक लम्बे समय तक ताजा बनाये रखने की अद्वितीय क्षमता प्रदान करता है। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी आचार्य प्रदीप कोठारी ने कहा कि गंगा भारत की 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या के लिए जीवन रेखा है। यह भारतीय सभ्यता के विकास का केन्द्र और भारतीयता की पहचान है। यह जीवनदायिनी है। नमामि गंगे के परियोजना अधिकारी उत्तम पंवार ने कहा कि गंगा में कई संवर्ग के जीव-जन्तु पाये जाते हैं, जो न केवल कई समुदायों के लोगों के लिए जीविका के साधन हैं, बल्कि गंगा के पारिस्थितिकी तन्त्र के लिए भी अत्यावश्यक हैं। गंगा में पायी जाने वाली डाल्फिन लालित्यपूर्ण स्तनधारी प्राणी है जिसकी संख्या में गिरावट आने से पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा माना जाता है। जगत सिंह चौहान ने कहा कि गंगा जल में जीवाणुभोजी में जीवाणुओं को खत्म करने की क्षमता होती है तथा गंगाजल कई सालों तक बंद पात्र में रखने पर भी खराब नहीं होता है। अन्य शिक्षकों व छात्रों ने भी अपने विचार रखे तथा गंगा श्लोकों व साँस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी को मुग्ध किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राम लाल शाह, वीरेंद्र दत्त नौटियाल, श्रीराम सेमवाल, अरविंद शर्मा, मीना मेहता, विनीता बहुगुणा, विनीता बिष्ट, सुरेश चंद्र नौटियाल, रामनाथ मौर्य, गीता राम भक्ति, उतीस नौटियाल, राजेंद्र पुरी, वसुंधरा राणा आदि उपस्थित थे।