हिन्दी साहित्य भारती उत्तराखण्ड की ऑन लाइन हुई बैठक,मुख्य अतिथि केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री यूपी डॉ.शुक्ल रहे

  • संतोष साह

हिन्दी साहित्य भारती, उत्तराखण्ड की प्रदेश कार्यकारिणी की तृतीय बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय भाषा विशेषज्ञ डॉ. जयन्ती प्रसाद नौटियाल और संचालन प्रदेश महामंत्री डॉ.कविता भट्ट “शैलपुत्री” ने किया। केन्द्रीय उपाध्यक्ष प्रो. नरेश मिश्र को उत्तराखण्ड का प्रदेश प्रभारी बनाये जाने पर हर्ष प्रकट करते हुए उनका अभिनन्दन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. रवींद्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य भारती का उद्देश्य हिन्दी भाषा, हिन्दी साहित्य और हिन्दी साहित्यकारों को वह सम्मान दिलाना है जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य वही है जो जनकल्याणकारी हो और जिसमें राष्ट्रवादी सोच परिलक्षित होती हो।

विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय महामन्त्री डॉ.अनिल शर्मा ने कहा कि हिन्दी साहित्य भारती अपने आयामों “राष्ट्रवन्दन अतीत का अभिनन्दन”, “राष्ट्रवन्दन वर्तमान का अभिनन्दन”, राष्ट्रवन्दन कवि अभिनन्दन” और हिन्दी को राष्ट्रभाषा का सम्मान दिलाने के लिए महामहिम राष्ट्रपति के नाम पत्र लेखन’ के माध्यम से अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में सतत प्रयत्नशील है।उत्तराखण्ड प्रदेश के नवनियुक्त प्रभारी,प्रसिद्ध भाषा विज्ञानी केन्द्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर नरेश मिश्र ने उन्हें उत्तराखण्ड का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किये जाने पर केन्द्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष, केन्द्रीय उपाध्यक्ष और बिहार के प्रदेश प्रभारी व प्रसिद्ध गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने अपने उत्तराधिकारी नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ.जयन्ती प्रसाद नौटियाल को शुभकामनाएं दी और कहा कि वह पूर्व की भाँति प्रदेश की समस्त गतिविधियों में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करते रहेंगे।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जयन्ती प्रसाद नौटियाल ने कहा कि आज हिन्दी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है, इसलिए भारत मे हिन्दी को राष्ट्रभाषा का संवैधानिक दर्जा प्राप्त होना ही चाहिए। बैठक का संचालन करते हुए प्रदेश महामन्त्री प्रसिद्ध लेखिका एवं कवयित्री डॉ. कविता भट्ट ने आशा व्यक्त की कि केन्द्रीय नेतृत्व के प्रोत्साहन और प्रदेश के कार्यकर्ताओं की ऊर्जा के बल पर उत्तराखण्ड में हिन्दी साहित्य भारती प्रगति के नवीन कीर्तिमान स्थापित करेगी।

प्रदेश संयुक्त महामन्त्री मीनू जोशी ने सरस्वती वन्दना और जिला उपाध्यक्ष चम्पावत दीपा पाण्डेय ने केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र शुक्ल द्वारा रचित मातृ-वन्दना प्रस्तुत की। प्रदेश मंत्री बीना जोशी ने स्वागत भाषण और प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा ने समस्त आगन्तुकों का आभार ज्ञापित किया। प्रदेश उपाध्यक्ष ललित राठौर “शौर्य” को उनके बाल कहानी संग्रह “कोरोना वारियर्स” के हाल ही में मुख्यमन्त्री पुष्कर धामी द्वारा लोकार्पण किये जाने पर बधाई दी गई।

बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन डॉ. कलीराम भट्ट, प्रदेश मन्त्री रामशंकर सिंह, प्रदेश मन्त्री डॉ. बसन्ती मठपाल, प्रदेश मीडिया संयोजक ठाकुर मोहित सिंह, प्रदेश सदस्य डॉ. भगवती पनेरू, जिलाध्यक्षों में हरिद्वार से अरुण शर्मा, रूद्रप्रयाग से आचार्य कृष्णानन्द नौटियाल, पौड़ी से डॉ. दिनेश पाठक, टिहरी से विजय रतूड़ी, उत्तरकाशी से राजेश जोशी, चमोली से भगत सिंह राणा हिमाद, चम्पावत से जितेंद्र राय, बागेश्वर से डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, जिला महामंत्रियों में हरिद्वार से अलका शर्मा, पौड़ी से डॉ. रोशन बलूनी, उत्तरकाशी से साधना जोशी, देहरादून से डॉ. सुनील थपलियाल, टिहरी से बेलीराम कंसवाल, चम्पावत से संजय भारद्वाज, चमोली से शशि देवली, रूद्रप्रयाग से नन्दन राणा नवल, नैनीताल से डॉ. अनुपम शुक्ल, अल्मोड़ा से मोती प्रसाद साहू आदि अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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