उत्तरकाशी : हिमालय प्लांट बैंक में विश्व हिम तेन्दुआ दिवस पर हुई संगोष्ठी।

 

  • संतोष साह

 

 

 

विश्व हिम तेन्दुआ दिवस के अवसर पर हिमालय प्लांट बैंक ,श्याम स्मृति वन में संगोष्ठी आयोजित की गयी जिसमें रेन्जर पूजा चौहान ने हिम तेन्दुआ के संरक्षण के बारें में वन विभाग की और से किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी देने के साथ कहा हमें इनके आवास स्थलों व वन्य जीवों के दोहन को रोककर इस संकटग्रस्त प्रजाति को बचाना होगा। पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल ने कहा कि वनाग्नि रोककर जानरूकता पैदा कर इसके लिए प्रयास किये जाने जरूरी हैं। कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने कहा कि हिम तेंदुए आकर्षक और शक्तिशाली दुर्लभ जन्तु हैं जो ऊबड़-खाबड़, ऊंची पहाड़ी क्षेत्रों में 3,000 से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर पाए जाते हैं। इस प्रजाति की रक्षा करने के प्राकृतिक स्थलों को बचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड के सहयोग से देश का प्रथम हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र उत्तरकाशी जिले में बनने से दुर्लभ हिम तेंदुआ के साथ-साथ अन्य वन्यजीवों की लुप्त हो रही प्रजातियों जैसे हाल में रिकार्ड हुई वाइल्ड डॉग और लुप्तप्राय उड़न गिलहरी, यूरेशियन लिंक्स यानी जंगली बिल्ली तथा अन्य संकटग्रस्त प्राणी ब्राउन बियर, ब्‍लू शीप भरल, मोनाल आदि को भी संरक्षण मिलेगा। उन्होंने इससे विंटर टूरिज्म बढ़ने की भी उम्मीद जाहिर की। पीजी कालेज के प्राध्यापक डाॅ. तिलक राम प्रजापति ने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रजाति को बचाने के लिए सरकार व समुदाय को मिलकर रणनीति बनानी होगी। सेवानिवृत प्राचार्य उमेश प्रसाद बहुगुणा ने कहा कि जंगलों की रक्षा करके हिम तेन्दुआ को बचाया जा सकता है। सुभाष चन्द्र नौटियाल ने हिमालय क्षेत्रों के संरक्षण के लिऐ विशेष योजनाओं को आवश्यक बताया। इस अवसर पर वन विभाग के वन दरोगा व वन कर्मियों सहित उत्तरकाशी पीजी के कालेज रोबर्स रेन्जर व यूथ रेडक्रास के स्वंयसेवी उपस्थित थे।

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