उत्तरकाशी : विधायक गोपाल के प्रयास से अब हर्षिल मोटर पुल को भी मिली स्वीकृति, पौने 6 करोड़ की लागत से बनेगा मोटर पुल

  • संतोष साह

गंगोत्री विधायक गोपाल रावत के लगातार प्रयास से अब हर्षिल के मोटर पुल को भी वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति मिल गई है। अब हर्षिल में वैली ब्रिज की जगह मोटर पुल होगा जिसकी लागत पौने छः करोड़ की होगी। मंगलवार को वन व पर्यावरण मंत्रालय ने इस पुल की सैद्धान्तिक स्वीकृति दे दी है। गौरतलब है कि हर्षिल जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल,सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साथ ही हर्षिल व बगोरी गांव को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिये वैली ब्रिज लगाया गया था मगर इस पुल से सीमित आवाजाही के अलावा भारी वाहनों के न गुजरने की स्थिति में यहाँ मोटर पुल नितांत जरूरी था।

इधर पुल को स्वीकृति मिलने के बावत विधायक ने बताया कि 28 मई 2018 को लोनिवि को पुल के लिये निर्देश दिए गए जिसके बाद इसका प्रस्ताव बनाकर वन स्वीकृति के लिये भेजा गया था। विधायक ने कहा कि वे इस पुल के प्रस्ताव की लगातार अपडेट लेते रहे साथ ही निर्माण एजेंसी,वन विभाग, नोडल व वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के बीच लगातार इस प्रस्ताव की स्वीकृति को लेकर सवांद स्थापित किया जिसके नतीजन मोटर पुल की अनुमति मिल गई। विधायक ने यह भी बताया कि जसपुर-सिल्याण मोटर मार्ग का नए सिरे से प्रस्ताव आन लाइन हो चुका है वह इसलिए कि पिछले प्रस्ताव में तमाम खामियां होने से वन व पर्यावरण मंत्रालय की ओर से आपत्ति लगाई गई।

इन्हीं आपत्तियों को देखते हुए इसी वर्ष डीएम को जसपु-सिल्याण मोटर पुल का नए सिरे से वन भूमि प्रस्ताव बनाने को निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि अब प्रस्ताव मंजूरी के पटल तक पहुंच गया है।
उधर हर्षिल मोटर पुल को स्वीकृति मिलने पर हर्षिल,बगोरी व मुखवा के ग्रामीणों ने विधायक श्री रावत का आभार जताया है।

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