उत्तरकाशी : कलक्ट्रेट परिसर में हर्बल गार्डन का डीएम दीक्षित ने किया उदघाटन, पर्यावरण प्रेमी पोखरियाल की मेहनत व टीम के सहयोग की हुई प्रशंसा

  • संतोष साह

डीएम मयूर दीक्षित ने कलक्ट्रेट परिसर में संजीवनी हर्बल गार्डन का उदघाटन किया। इस मौके पर उन्होंने गार्डन में सीता अशोक के पौधे को रोपित भी किया। हर्बल गार्डन में करीब ढाई सौ विभिन्न गुणकारी औषधीय व फलदार पौध रोपित किए गए। कलक्ट्रेट परिसर के अंदर निष्प्रयोजित स्थान में हर्बल गार्डन विकसित किये जाने को लेकर डीएम ने पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल व उनकी टीम की तारीफ की और कहा कि इससे आने वाले दिनों में पर्यावरण प्रेमियों व हर्बल प्लांट के शोधकर्ताओं के अलावा कलक्ट्रेट आने वाले आगंतुकों को इसका लाभ मिलेगा। डीएम ने कहा कि जिला कार्यालय परिसर के एक हिस्से में काफी लंबे समय से खाली जमीन थी। जिसका उपयोग काफी लंबे अरसे से नही किया जा रहा था। पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल व उनकी टीम द्वारा जमीन का उपयोग कर सुंदर हर्बल गार्डन के रूप में विकसित किया है। निश्चित तौर पर यह काबिले तारीफ है। डीएम दीक्षित ने कहा कि इसी प्रकार के हर्बल गार्डन सरकारी कार्यालयों में भी बनाये जाएंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि अपने घर व बंजर पड़ी जमीन में जरूर औषधीय पौध लगाएं। बृहद रूप से पौध लगाने व उनकी अच्छी देख-रेख होने पर ये आपके लिए एक अच्छा आय का स्रोत बन सकते है।

इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी पोखरियाल ने कहा कि डीएम के मार्गदर्शन पर कलेक्ट्रेट परिसर में संजीवनी हर्बल गार्डन का जो शुभारंभ हुआ है निश्चित तौर पर उसका लाभ कलक्ट्रेट के अधिकारियों,कर्मचारियों, यहाँ आने वाले रोजमर्रा के आगंतुकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि उस गार्डन में विभिन्न प्रजाति की करीब ढाई सौ पौध लगाई गई है। जिसमें रूद्राक्ष, नीलकंठी, सिन्दूरी, गुड़हल, सर्पगंधा, अकरकरा, अर्जुन, बेलपत्र, लसून बेल, कनक चम्पा, जावा ग्रास, हरसिंहार, पुत्रजीवक, सीता अशोक, शमी, पीला कनेर, पिलखन, मौलश्री, अश्वगंधा, चित्रक, स्टीबिया, रोजमेरी, गिलोय, हड़जोड़, वनस्पा, पीलावासा, भृंगराज, थुनेर, सीबकथाॅर्न, हंसराज, अपामार्ग, वच, एलोवेरा, काला ऐलोवेरा, मीठा ऐलोवेरा, छोटी इलायची, बड़ी इलायची, कालमेघ, एरोकेरिया, क्षूप सतावर, कमरख, काली हल्दी, छुईमुई, तेजपात, दालचीनी, वाकुची, मनीप्लांट, दुग्धिका, नगदोन, फालसा, बहेड़ा, हरड़, आवंला, मीठी नीम, कपूर तुलसी, श्यामा तुलसी, लेमन तुलसी, रामा तुलसी, लौंग तुलसी, ब्राह्मी, लेमनग्रास, जावाग्रास, पिपरमिंट, अजवाइन, सतावर, कासनी, अनार, कालाबासा, वोगेनवेलिया, पत्थरचूर, मोरपंखी, बुरांश, अमलतास, देवदार, काफल, सदाबहार, अमरूद, जामुन, पीपल, गूलर, कपूर, नीम, कागजी नीबू, दर्दमार, निंर्गुडी, गुंज्जा, गंध प्रसारिणी, दमबैल, पीला धतूरा, पलास, आमाहल्दी, मसोढ़ा, गिलोय, गेंदा, ओरेंज बेल, चाइनापाम, विक्टोरिया, पुदीना, पिप्पली, कनेर गुलाबी, चांगेरी, पुदीना, पुनर्नवा, अडूसा (बासा), कैलेन्चु, रक्त चंदन, टिमरू, रीठा, इंसुलिन प्लांट, सफेद मूसली, गुलदाऊदी, रात की रानी आदि पौध शामिल है। हर्बल गार्डन के उदघाटन पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर हेमंत कुमार वर्मा, शिक्षक व हिमालय प्लांट बैंक के सदस्य डॉ शम्भू प्रसाद नोटियाल समेत अन्य मौजूद थे।