गिलोय पर परमार्थ निकेतन में मंथन,श्याम स्मृति वन व हिमालय प्लांट बैंक द्वारा आश्रम में भेंट की गई गिलोय

  • संतोष साह

गिलोय को लेकर परमार्थ निकेतन में चर्चा हुई। जिसमें इसे राष्ट्रीय औषधि बनाने को लेकर मंथन व संकल्प लिया गया। यहाँ श्याम स्मृति वन व हिमालय प्लांट बैंक से प्रताप पोखरियाल व डॉ. शंभू प्रसाद नौटियाल पहुंचे थे जिन्होंने आश्रम प्रबंधन से लेकर परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती को गिलोय भेंट की। इस मौके पर स्वामी चिदानंद ने कहा कि औषधि गुणों से युक्त गिलोय मानव जीवन को हर तरह के रोगों से रोगमुक्त करती है। गिलोय एक ऐसी औषधि है जिसे अमृत तुल्य वनस्पति माना जाता है।

उन्होंने प्रताप पोखरियाल द्वारा मानवता व पर्यावरण को लेकर किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। जिस पर श्री पोखरियाल ने कहा कि उनके द्वारा शरीर मे रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिये व कोरोना महामारी से लड़ने वाले कोरोना वारियर्स को अब तक 5 हजार से अधिक काढ़े की बोतलों का वितरण किया जा चुका है। हिमालय प्लांट बैंक के सदस्य डॉ. नौटियाल ने कहा कि गिलोय में सुपर फ़ूड के साथ ही खास औषधीय गुणों की मौजूदगी देखते हुए इसे राष्ट्रीय औषधि का गौरव प्राप्त होना चाहिए। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद महाराज ने उत्तरकाशी में हर्बल गार्डन हेतु 900 औषधीय पौधे भी उपलब्ध कराए।

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