गंगा विश्व धरोहर मंच ने डीन प्रोफेसर ढींगरा व प्रोफेसर गोस्वामी का किया सम्मान 

 

  • संतोष साह

 

 

श्री देव सुमन विश्व विद्यालय ऋषिकेश परिसर के विज्ञान संकाय के डीन एवं वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ. जी. के.ढींगरा एवं कला संकाय के डीन एवं भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ. डी. सी. गोस्वामी का उत्तरकाशी में गंगा विश्व धरोहर मंच द्वारा गंगा आरती स्थल उत्तरकाशी में स्वागत व सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर ढींगरा ने कहा कि गंगा पृथ्वी पर सबसे पवित्र नदी के रूप में प्रतिष्ठित है। गंगा का सामाजिक, आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व किसी भी तरह से कम नही है। हिमालय की चट्टानों, जड़ी-बूटियों और की उपस्थिति से गंगा जल की गुणवत्ता बढ़ती हैं। लेकिन यह भी जरूरी है कि गंगा जल में उपस्थित भौतिक गुणों को पवित्र रखा जाए। प्रोफेसर गोस्वामी ने भी कहा कि गंगा सदैव ही जीवनदायिनी रही हैं। यह विडंबना ही है कि हमारी आस्था की पवित्र और संस्कृति से जुड़ी गंगा प्रदूषित हो रही हैं। ज्यों गंगा आगे बहती है लोग इसमें जगह-जगह अपशिष्ट जल, औद्योगिक कचरा, पॉलीथिन आदि डाल देते हैं, जिससे यह अत्यधिक प्रदूषित हो जाती है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि गंगा को पूजने और पवित्र कहने का कोई अर्थ नहीं रह जाता यदि हम गंगा को प्रदूषित करने का कारक बनते हैं। गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डाॅ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने कहा कि गंगा को विश्व धरोहर बनाने के उद्देश्य एवं गंगा की सहायक जल धाराओं के संरक्षण सहित हिमालय की जैव विविधता संरक्षण हेतु मिशन की शुरुआत की गई है। इस अवसर पर गंगा आरती समिति उत्तरकाशी के अध्यक्ष उमेश प्रसाद बहुगुणा,सुभाष चन्द्र नौटियाल, लोकेन्द्र पाल सिंह परमार, सुदीप रावत,दीपेन्द्र कोहली,चन्द्र शेखर भट्ट व विभूति भूषण गोस्वामी आदि उपस्थित थे।