उत्तरकाशी : गढ़वाली भाषा व बोली के संरक्षण में रामलीला आयोजित कराने को लेकर हुई अनोखी पहल की देहरादून कार्यशाला का हुआ समापन,फरवरी में मनेरी में होगी कार्यशाला

  • संतोष साह

श्री आदर्श रामलीला समिति उत्तरकाशी द्वारा देहरादून के रेसकोर्स में 7 दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। कार्यशाला गढ़वाली भाषा व बोली के संरक्षण से लेकर भविष्य में इसी भाषा व बोली में रामलीला मंचन की तैयारी से लेकर इस पर ग्रंथ तैयार करने को लेकर थी। कुछ शेष भाग इस तैयारी को लेकर अवशेष है जिसे आगामी फरवरी माह मनेरी में एक सूक्ष्म कार्यशाला आयोजित कर पूर्ण कर लिया जाएगा। इस आशय की जानकारी कार्यशाला के संयोजक व समिति के मुख्य उदघोषक जयेंद्र सिंह पंवार ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यशाला में तैयार लिटरेचर को पब्लिक के बीच प्रसारित किया जाएगा। पब्लिक से मिले विचार ,प्रतिक्रिया के उपरांत पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा। गढ़वाली भाषा मे रामलीला मंचन को लेकर प्रकाशित पुस्तक के लिये देहरादून की कार्यशाला में कई माननीयों ने इसके प्रचार की भी हामी भरी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय मे गढ़वाल के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब गढ़वाली भाषा व बोली में उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन होगा ।

इधर सात रोज तक समिति द्वारा देहरादून में आयोजित कार्यशाला में कई माननीयों के कार्यशाला में पहुंचने और इस कार्य के लिये समिति की पीठ थपथपाने से लेकर सराहनीय कार्य बताने से प्रतिभागी भी गदगद हुए और उनका हौसला कहीं अधिक बढ़ा तो सात रोज की कार्यशाला में जो भाग अवशेष बचा उसे पूर्ण करने के लिये फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में मनेरी में इसे पूर्ण करने का निर्णय लिया गया।

उधर देहरादून में कार्यशाला का समापन भी विधिवत सम्पन्न हुआ। समापन के अवसर पर अतिथि के तौर पर रुड़की डीएवी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर अर्जुन जगरवाण,एमएलए होस्टल के प्रबंधक सुरेन्द्र सिंह चौधरी,राजेश नौटियाल, सत्यपाल आदि शामिल हुए। इस मौके पर कार्यशाला के प्रतिभागी समिति के अध्यक्ष गजेंद्र मट्रूड़ा,पूर्व अध्यक्ष रमेश चौहान, दिनेश नौटियाल, ओम प्रकाश निरंकारी, कैलाश सेमवाल,विजय चौहान, राधा बल्लभ नौटियाल, प्रताप सिंह रावत,कमल सिंह रावत,बचन लाल,महेंद्र सिंह पंवार, केशर सजवाण आदि भी मौजूद रहे।

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