उत्तरकाशी : गढ़वाली बोली में रामलीला ! आज मेघनाद,कुम्भकरण का वध

  • संतोष साह

आज लीला के 14 वें दिन लीला में मेघनाद व कुम्भकरण का वध होगा। अपनी संस्कृति, बोली के संरक्षण को लेकर इस बार आदर्श रामलीला समिति द्वारा गढ़वाली बोली में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस बार लीला में विभिन्न गांवों के महिला मंगल दलों को पारंपरिक भेष-भूषा में भी मंच में लाने और उन्हें सम्मान देने का प्रयास किया गया है। जिसकी सराहना हो रही है। समिति द्वारा नित्य मुख्य अतिथियों को आमंत्रित कर रामलीला मंच में उनके आगमन पर सम्मान भी किया जा रहा है। आज की लीला में रामलीला समिति द्वारा उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी, शिक्षक संगठन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष गोपाल राणा के नेतृत्व में संगठन से जुड़े लोग लीला में शामिल होंगे।
उधर वहीं पहली बार गढ़वाली बोली में रामलीला के आयोजन को लेकर दर्शकों की खासी तादाद भी बढ़ रही है और अपनी बोली-भाषा मे लीला की काफी प्रशंसा हो रही है।
इधर आदर्श रामलीला समिति द्वारा आयोजित प्रथम गढ़वाली रामलीला में रामलीला मंचन से लेकर आयोजन में सहयोग करने वालों में समिति के उमेश बहुगुणा,जयेन्द्र पंवार,दिनेश नौटियाल ब्रह्मानंद नौटियाल, विजय भट्ट,केशर सजवाण, राजाराम भट्ट, तस्दीक खान,माधव नौटियाल ,अनिल सेमवाल,रमेश चौहान,गजेन्द्र सिंह मटूड़ा,पुष्पा बहुगुणा,जलमा राणा,अमर पाल रमोला, अरविंद राणा,शिव प्रसाद भट्ट ,चन्द्र मोहन सिंह पंवार,रुकम चंद, विक्रम शाह,प्रताप सिंह रावत,कैलाश सेमवाल,शांति प्रसाद भट्ट,महेंद्र पंवार, उषा चौहान, अनीता राणा,मंगल सिंह,बंटी उप्पल, नौबर सिंह कठेथ,किरन पंवार,रेखा सेमवाल, अंजू सेमवाल सहित अन्य शामिल हैं।

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