फैक्टरी विस्फोट प्रकरण में आरोपी गिरफ्तार , विस्फोटक सामग्री विक्रय के 11 लाख बरामद , श्रवण के माता पिता बोले तुम भी पुत्र योग में तड़प तड़प के प्राण दे दोगे

विशाल भटनागर / सनसनी सुराग न्यूज

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट प्रकरण में दो आरोपी दबोचे, अन्य सामग्री 11 लाख बरामद

कैराना। अवैध पटाखा फैक्ट्री के प्रकरण में पुलिस ने दो आरोपियों को 11 लाख रुपए की नकदी के साथ गिरफ्तार किया है, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बारूद के अन्य सामग्री के बीच बड़े बॉक्स भी बरामद करने का दावा किया है
शनिवार को एचपी सुकृति माधव के आदेशों के बाद गठित पुलिस टीम ने पटाखा फैक्ट्री के आरोपियों की तलाश में दबिश अभियान चलाया। पुलिस ने डिस्पोजल स्क्वाड टीम को साथ लेकर घटनास्थल का निरीक्षण करने के पश्चात बारूद के नमूने लिए इतना ही नहीं पुलिस ने आतिशबाजी निर्माण हेतु इस्तेमाल होने वाली सामग्री 20 बड़े बॉक्स एवं अवैध पटाखा विक्रय से प्राप्त 11 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रेमवीर सिंह राणा ने बताया कि फैक्ट्री मालिक रहीस पुत्र जमशेद निवासी मोहल्ला ऑलकला दूसरा साथी रिजवान पुत्र ताहिर निवासी मोहल्ला गुंबद कैराना को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि ताहिर नामक ने इकबाल रहीस से किराए पर राशिद नामक निवासी पानीपत को दिलाई थी । कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश अभियान जारी है जिन को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा । उधर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर जेल रवाना किया है

गौरतलब रहे कि गत शुक्रवार को शामली रोड स्थित भूरा मार्ग पुलिया पर अवैध रूप से चलाई जा रही पटाखा फैक्ट्री में भयंकर ब्लास्ट हो गया था ब्लास्ट इतना तेज था कि वहां बनी बिल्डिंग भी गिर गई थी इतना ही नहीं बिल्डिंग के टुकड़े टुकड़े हो गए थे। ब्लास्ट में 4 मजदूरों की मौत हो गई थी जबकि चार पांच गंभीर रूप से घायल हैं जिनका उपचार चल रहा है

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श्रवण के माता-पिता बोले- हे राजन तुम भी पुत्र वियोग में तड़पोगे

कैराना। कस्बे के गौशाला रोड पर स्थित गौशाला भवन में आयोजित रामलीला के दौरान आज्ञाकारी श्रवण कुमार माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर ले जाते हैं जहां दशरथ के तीर से श्रवण कुमार की मृत्यु हो जाती है। यह दृष्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें बरबस ही नम हो गईं। शुक्रवार की रात को चल रही रामलीला के तीसरे दिन सरवन लीला का मंचन किया गया राम लीला में दिखाया गया है कि दशरथ अपने मंत्री सुमंत और गुरु वशिष्ट के साथ अपने महल में बैठे हैं वहीं उसी दौरान सरवन कुमार महाराजा दशरथ से मिलने के लिए आता है जब गुरु वशिष्ट उन्हें बताते हैं कि तुम्हारे माता पिता जन्म से अंधे नहीं हैं बल्कि तुम्हें प्राप्त करने के लिए उन्हें अंधा होना पड़ा था तो सरवन कुमार बेहद परेशान होते हैं और अपने माता पिता के आंखों की रोशनी वापस आने का उपाय गुरु वशिष्ट से पूछते हैं तब गुरु वशिष्ठ उन्हें बताते हैं कि यदि तुम अपने माता पिता को चार धाम की यात्रा कराओगे तो उनकी आंखों की रोशनी वापस आ जाएगी l सरवन कुमार अपने माता पिता की चार धाम यात्रा कराने के लिए तैयार हो जाते हैं जब रात राजा दशरथ यह पूछते हैं कि आप अपने बूढ़े और अंधे मां बाप को चार धाम यात्रा कैसे कराओगे तो वह बताते हैं कि मैं उन्हें कावड़ में बैठाकर अपने कंधे पर चार धाम यात्रा कराने उपरांत सरवन कुमार अपने बूढ़े मां बाप को काँधे पर तीर्थ कराने के लिए ले जाते हैं। इस दौरान राजा दशरथ जंगल में शिकार के लिए निकलते हैं। लेकिन श्रवन तभी अपने माता-पिता को विश्राम करने के लिए छोड़ देते हैं और स्वयं पानी लेने चले जाते हैं। नदी से पानी लेने के दौरान कुछ आवास सुनाई दी राजा दशरथ ने सोंचा कि कोई जानवर पानी पी रहा है और उन्होंने तीर छोड़ दिया।

 

वह तीर श्रवण कुमार को जा लगा जिससे उनकी मृत्यु हो गई। पुत्र की मृत्यु की सूचना मिलते ही वृद्ध माता-पिता विचलित हो उठे और क्रोध में राजा दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप दे दिया। उन्होंने कहा कि जैसे मैं पुत्र की पीड़ा में बिलख रहा हूं, ऐसे ही तुम भी पुत्र वियोग में प्राण त्यागोगे।

 

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