उत्तरकाशी : बगैर ड्रेनेज सिस्टम के बनी टीएचडीसी की 5 करोड़ की गेविन वाल धंसनी शुरू,खतरा बढ़ा

  • संतोष साह

टीएचडीसी द्वारा बनाई गयी 5 करोड़ की दीवार में बारिश का पानी घुसने से खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि वाल का एक बहुत बड़ा हिस्सा धस जाने पर 4 करोड़ 74 लाख की निर्माणाधीन दीवार सहित चिन्यालीसौड़ बाजार का अस्तित्व भी खतरे मैं पड़ गया है।

उल्लेखनीय है कि टिहरी बाँध की झील से हो रहे भूधसाव से ऋषिकेश गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग , चिन्यालीसौड़ बाजार सहित आसपास की दुकानों आवासीय मकानों के लिये खतरा बढ़ गया है। टीएचडीसी द्वारा उक्त दीवार बर्ष 2016 से 2018 के बीच निर्मित कराई गई जिस पर लगभग 5 करोड़ खर्च हुए जिसके निर्माण कार्य की पोल अब बरसात ने खोल दी है। बताया जा रहा है कि गेविन वाल में पानी घुस जाने से 64 मीटर लंबी और 50 मीटर ऊंची वाल का एक बहुत बड़ा हिस्सा लगभग 4 मीटर गहराई में धंस गया है। जिस कारण जोगथ रोड पर 3 करोड़ 76 लाख की एसजीआरए,कंक्रीट दीवार सहित आसपास के आवासीय भवनों तथा बाजार को खतरा पैदा हो गया है।

उधर दीवार के धसने और इससे उत्पन्न खतरे को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य अरविंद लाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शूरवीर सिंह रांगड़,सभासद सुनीता सेमवाल,व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल,भवन स्वामी कल्याणसिंह महंत,कमल पंवार, रमेश महंत,व्यापारी दिगपाल, जय नारायण, जनवीर,वीरेंद्रमिश्रा,रणवीर,संजय,व्रजेश आदि का कहना है कि टीएचडीसी तत्काल ड्रेनेज निर्माण व्यवस्था के साथ इस पर सुरक्षा कार्य प्रारंभ कर दें जिससे भविष्य में होने वाले खतरे से बचा जा सके। उधर टीएचडीसी के डिप्टी मैनेजर अतुल बहुगुणा ने बताया की शक्ति पुरम कॉलोनी, सूलीटांग सहित राष्ट्रीय राजमार्ग में बह रहे बरसाती पानी दीवार के अंदर घुसने से धंस रही है। उन्होंने बताया कि दीवार की सुरक्षा के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

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