धनुष यज्ञ और लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला का मंचन

तनुज कुमार / शामली


कांधला। बीते मंगलवार की रात को श्रीरामलीला कमैटी पंजाबी धर्मशाला के तत्वधान में भगवान श्री गणेश व राम लक्षमण की आरती के पश्चात लीला मंचन कार्यक्रम किया गया। लीला मंचन में सर्व प्रथम सीता स्वंयवर में शामिल होने के लिये गुरू विश्वामित्र सहित जनकपुरी आगमन, जनक बाजार में श्रीराम भ्राता लक्ष्मण सहित बाजार में भ्रमण, तथा पुष्पवाटिका में माता सीता और रामचन्द्र जी का प्रथम भेट़ की लीला का मंचन प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात धुनष यज्ञ में देश व विदेश के राजाओं का आगमन हुआ, राजा जनक के प्रण के अनुसार सभी राजाओं के द्वारा शिव धुनष को भंग करने का प्रयास किया गया। लेकिन अंत में गुरू विश्वामित्र के आदेश पर भगवान राम के द्वारा शिव धनुष को भंग किया। जिसके साथ माता सीता ने भगवान राम के गले में वरमाला डाली।

 

 

 

शिव धनुष के भंग होने पर भगवान श्रीपरशुराम का क्रोध भड़क उठा। जिसके बाद भगवान परशुराम जनक दरबार पंहुच गए। और जनक दरबार में भगवान परशुराम और लक्षमण संवाद की सुन्दर लीला का मचन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मंचन डायरेक्ट ललित शर्मा, अध्यक्ष मोहनलाल चावला, उपाध्यक्ष डॉ0 रणवीर सिंह वर्मा , श्रीकांत, रंजन शर्मा, नवीन, जितेन्द्र सैनी, प्रतीक जैन, पंड़ित राधेश्याम शर्मा, आकाश सिंघल, मदन सैनी, महावीर प्रसाद अग्रवाल, पवन कंसल, डॉक्टर विक्रम सैनी,हरिमोहन,संजय गोयल सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

 

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