सीबीएसई के एग्जाम में फेल हुए बच्चों को लेकर ये कैसी राजनीति 

 

  • संतोष साह

 

2022 का समय नजदीक है। नेताओं और उनके सिपहसालारों को अब लोगों की चिंता सताने लगी है। पिछले चार वर्षों में जनता के दुःख, तकलीफ में ऐसी होड़ शायद ही नजर आई हो। अब कोई जनता के बीच फ़ोटो खिंचवाने के लिये भाग रहा है तो कोई समूह की फरियाद लेकर हिमायती बनने की कोशिश कर रहा है। सीबीएसई 12 वीं का नतीजा एक दो दिन पूर्व निकला। नगर का एक स्कूल चर्चा में आया। दो दर्जन से अधिक बच्चों के फेल हो जाने के बाद इनकी पीड़ा को प्रशासन, स्कूल तक ले जाने की भाग दौड़ में नेता दिखे। डीएम को बच्चों के फेल होने का ज्ञापन देकर जब नेता बाहर निकले तो एक नेताजी बच्चों को लेकर चलते बने तो एक दूसरे नेता बच्चों से लिये ज्ञापन को लहराते हुए यह कहते दिखे की बात हो गई है कम से कम बच्चे एक फ़ोटो तो उनके साथ खिंचवा लें लेकिन फ़ोटो नहीं खिंचवा पाए वह इसलिये की दूसरे नेताजी बच्चों को लेकर सीधा चलते बने। इस बीच राजनीति यहीं समाप्त नही हुई। इसके बाद स्कूल के प्रिंसिपल के कक्ष के अंदर और उनके कक्ष से बाहर भी बच्चों व उनके पेरेंट्स के बीच बच्चों को लेकर राजनीति का जो अखाड़ा नजर आया वह साफ बताता है कि यह सब कुछ बच्चों के भविष्य की नहीं बल्कि 2022 की चिंता के साथ ही हिमायती बनने की तलाश कहीं अधिक थी।

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