ब्रह्मकमल से हुई नंदा की पूजा,कोरोना के कारण मेले में लगा इस बार ब्रेक

संतोष साह

सीमांत मुनस्यारी के गांव सुरिंग में मां नंदा देवी की पूजा अर्चना की गई। मां नंदा के जयकारों के बीच नंदा पूजा की रस्म अदायगी की गई। बताते हैं कि भगवती की सात बहिनो में नंदा का ससुराल हिमालय के नजदीक के गांव मर्तोली में माना जाता है। जोहार के मर्तोली में रहने वाले मर्तोलिया जाति के लोग नंदा देवी को अपना ईष्ट देव मानते हैं।
इस बीच आज सुरिंग में गांव के चुकटिया बाखली से निशान नचाते हुए भक्त नंदा देवी के मंदिर तक गए। महिलाएं अपनी पारंपरिक भेष -भूषा में दिखी। नंदा देवी के इस पर्व के लिये भक्त हिमालय की ऊंची चोटियों से चार दिन की पैदल यात्रा वह भी नंगे पैर चलकर ब्रह्मकमल लाते हैं। जिससे नंदा की पूजा की जाती है।


उधर कोरोना के कारण इस बार मेला आयोजित नही किया गया। केवल गांव के लोगों ने ही पूजा-रश्म की। बाहरी लोगों के लिये गांव में आने में प्रतिबंध लगाया गया था। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने उक्त मेला व पूजा अर्चना को राजकीय संरक्षण दिए जाने की मांग की है।

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