उत्तरकाशी : जिले में अनाथ आश्रम न होने के एवज में डीएम दीक्षित ने पीजी कॉलेज के हॉस्टल को शेल्टर के रूप में उपयोग के लिये कहा

  • संतोष साह

चाइल्डलाइन एडवाजरी बोर्ड की बैठक लेते हुये डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि जिले में अनाथ आश्रम नही होने के कारण तात्कालिक रूप से पीजी कालेज के छात्रावास को शेल्टर के रूप में उपयोग में लाया जाए। इस हेतु चाईल्ड एडवाइजरी बोर्ड  स्थलीय निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बच्चों में नशे की बढ़ती प्रवृति पर प्रभावी रोकथाम के लिए विद्यालयों के 100 मीटर की परिधि में मादक पदार्थ के क्रय विक्रय कतई न हो इस हेतु शिक्षा विभाग सम्बंधित दुकानों,पान भंडार आदि को कड़ाई से नोटिस जारी करना सुनिश्चित करें। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बाजार में मादक पदार्थ से संबंधित प्रचार प्रसार वाली सामग्री होल्डिंग,बैनर आदि हटाना सुनिश्चित करेंगे, तथा हर दिन नियमित निगरानी करेंगे।डीएम ने जनसामान्य से अपील की है कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे यदि बाल मजदूरी करते हुए दिखाई देते है तो इसकी सूचना तत्काल सम्बंधित थाने या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें ताकि ऐसे बच्चों को बाल मजदूरी से रोका जा सकें।

इस हेतु बाल उन्मूलन, जिला टास्क फोर्स को समय- समय पर छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए। बच्चों को नशे से बचाने के लिए पुलिस,बाल कल्याण समिति,चाइल्ड हेल्प लाइन, बाल विकास,बाल संरक्षण इकाई,शिक्षा,स्वास्थ्य विभाग प्रभावी रूप से कार्य करें। मादक पदार्थों के क्रय विक्रय की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए ताकि बच्चों को नशे से बचाया जा सकें।
डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि कोविड-19 के कारण सरकारी,गैर सरकारी विद्यालयों से कोई भी बच्चा स्कूल से ड्राप आउट न हो इस हेतु शिक्षा विभाग हर बच्चे की निगरानी करना सुनिश्चित करें।

जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जिन बच्चों के माता-पिता की मौत हुई है उन्हें बाल स्वराज पोर्टल,वात्सल्य योजना,प्रधानमंत्री केयर योजना, स्पॉन्सर शिप योजना के अंर्तगत लाभान्वित करना सुनिश्चित करेंगे। जनपद में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यालय खुल चुके है। कोविड-19 के कारण बच्चों में कोई प्रतिकूल प्रभाव तो नही पड़ा है इस हेतु  विद्यालयों में काउंसलिंग कर बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करने के निर्देश स्वास्थ्य व चाइल्ड हेल्पलाइन को दिए।
चाइल्डलाइन एडवाजरी बोर्ड के समन्वयक दीपक उप्पल ने जानकारी दी कि चाइल्ड हेल्पलाइन को लेकर 2014 से वर्तमान तक विभिन्न मामलों में 3334 मामले दर्ज हो चुके है। जबकि अप्रैल 2021 से अगस्त तक 203 मामले पंजीकृत हुए है। बैठक में पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.के०.एस. चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सेमल्टी,जिला प्रोबेशन अधिकारी यशोदा, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप रावत समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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