अफसरों ने खनन पट्टे पर जाकर मारा छापा यमुना नदी से बीचोबीच हटवाए रेत से बनी दीवार

खुरगान में खनन माफियाओं ने यमुना नदी के बीचो-बीच बनाया पुल प्रशासन ने कराया ध्वस्त, उच्च अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट

विशाल भटनागर

कैराना। कैराना क्षेत्र में सरकार द्वारा अलग-अलग गांवों में नियम अनुसार खनन करने के लिए आवंटित कर रखे हैं लेकिन खनन माफिया नियमों को ताक पर रख खनन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं प्रशासन इसके बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है ऐसा ही मामला सोमवार को कैराना की गांव खुरगान में देखने को मिला एसडीएम कैराना एवं खनन अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचा और खनन पट्टे पर जाकर जमुना की धारा के बीचो बीच बनाए गए पुल को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कराया

 

 

 

 

 

 

 

 

खुरगान में खनन पट्टे की आड़ में पट्टेधारकों ने खनन के लिए यमुना की धार ही मोड़ दी। पट्टाधारकों ने एनजीटी और शासन के निर्देशों को धता बताते हुए यमुना नदी के बीचो-बीच अस्थायी पुल बना दिया था। इस मामले में ग्रामीणों ने अफसरों से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देश पर कैराना एसडीएम संदीप कुमार एवं खनन अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे और खनन पट्टे पर जाकर यमुना नदी के बीचो-बीच बनाए गए पुल को धवस्त कराया और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई लेकिन सवाल यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने समाचारों में प्रकाशित होने पर इससे पूर्व भी यह अवैध रूप से बनाए गए पुल को ध्वस्त करा दिया था ,अगर तभी प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई कर पाता तो अब यह नौबत ना आती और पट्टा धारक एनजीटी एवं कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन ना कर पाते, उधर ग्रामीणों का कहना है कि खुरगान में खनन पट्टे की आड़ में माफिया मनमानी करते हैं। इसके अलावा कुछ ग्रामीण तो दबी जुबान में अधिकारियों की मिलीभगत बताया है। पट्टाधारकों ने शासन और एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए यमुना नदी का सीना चीरते हुए सारे नियम कायदे ताक पर रख रखे हैं
उधर एसडीएम कैराना संदीप कुमार का कहना है कि मौके पर अस्थायी पुल बनाकर यमुना की धार मोड़ने समेत कई अन्य मानकों का भी उल्लंघन पाया गया है, रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जा रही है