उत्तरकाशी : भारत माता संस्कारों की जननी : डॉ दुर्गेश आचार्य 

 

  • संतोष साह

 

आराध्य देव श्री हरि महाराज के पावन सानिध्य में मुस्टिक सौड़

बाड़ागड्डी में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में राष्ट्रीय संत डॉ दुर्गेश आचार्य महाराज ने कहा कि भारत माता संस्कारों को देने वाली है। विदेशों में माताएं केवल अपने बच्चों को जन्म देती हैं परंतु भारत भूमि में जिस बच्चे का जन्म होता है वह संस्कारों से ओतप्रोत होता है। उन्होंने कहा कि इस भूमि में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्णा, ध्रुव और प्रह्ललाद, स्वामी विवेकानंद,रामकृष्ण परमहंस, श्रवण कुमार,सरदार भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस आदि कई संस्कारवान बालकों ने जन्म लिया जिन्होंने अपने संस्कारों के द्वारा भारत माता को गौरवान्वित किया।

शिव पुराण में डॉ दुर्गेश आचार्य ने कहा कि भगवान श्री गणेश जी विश्व ब्रम्हांड मे सर्वप्रथम वंदनीय और पूजनीय हैं। गणेश जी ने पृथ्वी से श्रेष्ठ अपनी मां को माना और आकाश मंडल से श्रेष्ठ अपने पिताजी को माना लिहाजा जो बालक अपनी मां और पिता को श्रेष्ठ मानते हैं वह पूजनीय और वंदनीय बनते है। उन्होंने कहा कि आज भौतिकवादी युग के लोग केवल अपने बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं,संस्कार नहीं दे पा रहे हैं शिक्षा के बिना व्यक्ति रह सकता है लेकिन संस्कारों के बिना नहीं रह सकता।उन्होंने कहा कि सर्वजन संतानों को संस्कार दें तभी इस राष्ट्र का कल्याण हो सकता है और पुनः यह राष्ट्र विश्व गुरु बन सकता है।

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