विप्र समाज स्वयं के मूल स्वरूप को पहचानकर विश्व का मार्गदर्शन करें – श्री जी महाराज

विप्र समाज स्वयं के मूल स्वरूप को पहचानकर विश्व का मार्गदर्शन करें – श्री जी महाराज

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रोहित शर्मा / स्टेट हैड राजस्थान
जयपुर । रामबाग चौराहा स्थित एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउंड में विप्र फाउंडेशन के बेनर तले ” संस्कार उदय का पावन संकल्प ” थीम आधारित “संस्कारोदय” कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें संत समागम यज्ञोपवीत संस्कार एवम् भजन संध्या का आयोजन हुआ। इस अवसर पर देश भर के विभिन्न अखाड़ों, मठों और मंदिरों के साधू संतो एवम् हजारों विप्र बंधुओं का समागम हुआ और “संस्कारोदय से ही राष्ट्रोदय ” विषय पर संतों का उदबोधन हुआ। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय समन्वयक सुशील ओझा एवम् अध्यक्ष देवी प्रसाद शर्मा ने बताया कि सोमवार को प्रातःकाल सैंकड़ों बटुकों ने यज्ञोपवीत संस्कार ग्रहण किया जिसमें बटुकों ने विधि विधान से दीक्षा लेकर भिक्षा भी मांगी तत्पश्चात दोपहर संत समागम हुआ जिसमें निम्बार्काचार्य श्याम शरण देवाचार्य जी श्री जी महाराज , गो ऋषि स्वामी दत्तशरणानन्द महाराज , श्री राघवाचार्य महाराज रेवासा धाम ,संवित् सोम गिरी महाराज शिव बाड़ी बीकानेर, पंडित घनश्याम श्री माली , पंडित चंद्रमणि महाराज, पंडित मनोहर दास महाराज ,महंत रमनदीप त्रिवेदी महाराज ,आचार्य गंगाधर पाठक एवम् महंत आनंद दास महाराज निर्मोही अखाड़ा का सानिध्य प्राप्त हुआ।इस अवसर पर गाय गीता भारतीय संस्कृति संरक्षण गंगा सहित सभी नदियों के संवर्धन एवम् वेद् वाणी संस्कृत भाषा सहित कई विषयों पर कार्य करने का प्रस्ताव भी विप्र फाउंडेशन दवारा लिया गया ।

इस अवसर पर श्रीजी महाराज ने कहा कि विप्र समाज स्वयं के मूल स्वरूप को पहचानकर विश्व का मार्ग दर्शन करें क्योंकि विप्र तेज ही विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है । संवित् सोमगिरी महाराज ने कहा कि देव भाषा और वेद् भाषा संस्कृत ही विश्व की श्रेष्ठतम भाषा है अतः आज की नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़े रखना जरुरी है बिना दीक्षा के शिक्षा संभव नहीं क्योंकि मैकाले शिक्षा पद्धति केवल और केवल गुमराह कर रही है जबकि सनातन शिक्षा पद्धति एवम् भगवद् गीता का सन्देश मानवता को शुद्ध दृष्टि देकर सु संस्कारित व्यक्तित्व का निर्माण करती है अतः हमें योग चरित्र निर्माण श्रद्धा और भारतीय मूल स्वरूप से जुड़ने की जरुरत है । रेवसाधाम के राघवाचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति की संवाहक गंगा मैया गौ माता साक्षात् ईश्वर के स्वरूप में है अतः हमें गंगा मैया की पूजा अर्चना करके स्वयं को तेजस्वी बनाकर उद्दार करना चाहिए । पथमेड़ा के दत्त शरणा नन्द महाराज ने सर्व प्रथम गौ माता की सेवा करने का संकल्प दिलाया एवम् वंदे धेनुमातरम् के माध्यम से गौ माता को मातृशक्ति के स्वरूप में स्थापित किया । गंगा माता गौ माता गीता माता एवम् गायत्री माता का वंदन करने का सन्देश दिया । राष्ट्र रक्षा महायज्ञ के सूत्रधार महेश गिरी महाराज ने कहा कि वेद् वंदना और सनातन संस्कृति को युवा पीढ़ी से जोड़ने की जरुरत है जिससे राष्ट्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो और देश में राष्ट्र भक्ति का वातावरण बना रहे।

लगभग एक दर्जन विप्र विधायक एवम सांसद रहे मौजूद

विप्र फाउंडेशन ने मंच से सभी बटुकों की शिक्षा की जिम्मेवारी लेते हुए कहा कि इन सभी बटुकों को सनातन संस्कृति के संवाहक बनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जायेगा । इस अवसर पर पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी जी महाराज, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ममता शर्मा, जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व सांसद महेश जोशी ,हवामहल विधायक सुरेन्द्र पारीक, सीकर विधायक रतन जलधारी, दौसा विधायक शंकर लाल शर्मा, आईएएस मनोज शर्मा ,ओमेन्द्र भारद्वाज, सीपी जोशी सांसद चित्तोड़, सुमन शर्मा अध्यक्ष महिला राज्य आयोग राजस्थान, पूर्व विधायक बृज किशोर शर्मा, संदीप शर्मा विधायक कोटा दक्षिण, विद्या शंकर शर्मा विधायक पीपलदा ,सुशील शर्मा, डॉ राजकुमार शर्मा विधायक नवल गढ़, अनुराग कृष्ण शास्त्री ,मनीष पारीक, एडवोकट राम मनोहर शर्मा , पवन पुजारी खाटू श्याम जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
विप्र फाउंडेशन के अध्यक्ष पंडित देवीशंकर शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन के बनवारी लाल श्रोतिय प्रदेश संयोजक मुकेश दाधीच ,सह संयोजक विनोद अमन , वीसीसीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील तिवाड़ी , विप्र फाउंडेशन के प्रदेश महामंत्री राजेश कर्नल , युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महामंत्री जुगल शर्मा राष्ट्रीय सचिव पवन पारीक , कार्यक्रम के समन्वयक विष्णु पारीक ,

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