उत्तरकाशी : उत्तरकाशी पहुंचें साहू,BRO के मजदूरों का जाना हाल

उत्तरकाशी : उत्तरकाशी पहुंचें साहू,BRO के मजदूरों का जाना हाल

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17 मई, 2018

वीरेंद्र सिंह / उत्तरकाशी

थीमेटिक स्पेशल रिपोर्टर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग भारत सरकार डॉ अशोक साहू अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण पर बीते दिन हर्षिल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्थलीय निरीक्षण कर लोगों के साथ  बंधुवा,बाल,एवं प्रवासी श्रमिक को लेकर बिचार विमर्श कर किया।
श्री साहू आज गंगोत्री धाम पहुंच कर गंगा मैया की विधिवत पूजा अर्चना की। और भैरोघाटी में बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के मजदूरो के साथ उनकी समस्या को लेकर  बातचीत की। उन्होंने मजदूरों को जानकारी दी कि श्रम विभाग में पंजीकृत होने से जहां आपकों भारत सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा वहीं आपके परिवार को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा । उन्होंने सभी श्रमिकों को  श्रम विभाग में अपना पंजीकरण करवाने को कहा ।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने श्रमिकों के हित के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की है। इसका लाभ तभी मिल पाएगा जब काम कर रहे  मजदूरों का पंजीकरण होगा। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग में श्रमिकों का पंजीकरण तीन वर्श के लिए किया जाता है लेकिन वह हर तीन वर्श बाद नवीनीकृत किया जाता है। भारत सरकार की कल्याणकारी योजनाओें का लाभ लेने के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इससे मजदूरों के दो बच्चों की सम्पूर्ण षिक्षा निःषुल्क देना का प्राविधान भी है।

उन्होंने सभी मजदूरों से आग्रह किया कि वे अपना पंजीकरण अवष्स करवाएं। इस दौरान उन्होने बीआरओ के मजदूरों के बच्चों को  पठन पाठन के लिए किताबें,कापी,पेन सहित स्टेशनरी वितरण की। गर्भवती एवं दात्री महिलाओ व बच्चों को टेक होम राशन वितरण किया। उन्होने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से बीआरओ ने मजदूरों के बच्चो के पठन पठान के लिए स्थानीय टीचर की व्यवस्था की है। जो बच्चो को शिक्षित कर दक्ष बनायेंगे।

साहू ने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीचर को इमानदारी के साथ बच्चों के अन्दर किताबी ज्ञान के लिए  उत्सुकता के साथ जिज्ञासा पैदा करने की अपेक्षा की।उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक ऐसा राज्य है जहां मातृभाशा में बच्चों को पढ़ाया जाता है। और यहां श्रमिकों के बच्चें कम है जो पढ़ नहीं पातें है। उनके लिए पढ़ने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। पूर्वर्ती के राज्य बंगाल, बिहार,झारखंड,छतीसगढ़ उड़िसा में श्रमिकों के बच्चों को उनकी स्थानीय भाशा बंगाली, उड़ीया,तेलगू में ही पढ़ाया जाता है। लेकिन उनको षिक्षा से वंचित नहीं करना है, षिक्षा ग्रहण करना सबका अधिकार है।

कहा कि इन्हीं बच्चों में से कई ऐसे होनहार बच्चे निकलेंगे जो आगे आकर देष का नाम रोषन करेंगे।
इस  दौरान मुख्य कृषि अधिकारी महिंदर सिंह तोमर,सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा ,श्रम अधिकारी एसएस रागंड़,सुलोचना शाह, सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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