बेटे के शरीर से लीवर, किडनी और पैनक्रिया दान कर बचाई तीन जिंदगियां।

बेटे के शरीर से लीवर, किडनी और पैनक्रिया दान कर बचाई तीन जिंदगियां।

- in Panipat
58
0

पानीपत/सुनील वर्मा

कालपी के नजदीक स्थित हसनपुरा गांव के अनुसूचित जाति के परिवार के युवक अरुण कुमार 21 वर्षीय का ब्रेन सड़क हादसे में डेड हो गया। परिजनों ने कड़ा और प्रेरणादायी फैसला लेते हुए दम तोड़ने से पहले ही बेटे के शरीर से लीवर, किडनी और पैनक्रिया दान कर चंडीगढ़ पीजीआइ में दाखिल तीन मरीजों को नई जिंदगी देने का काम किया है। इस 17 जून को अरुण का हादसा हुआ था जिसमे उसे काफी चोटे आई थी और वह गम्भीर रूप से घायल हो गया था। 17 जून को काम पर से लौटते समय कार व मोटर साईकल की टक्कर हो गयी थी।

18 जून को डॉक्टरों ने घायल के सिर का दो बार सीटी स्कैन व एमआरआइ करवाया, दोनों ही रिपोर्ट में आया कि उसका ब्रेन डेड हो गया है। 19 जून को डॉक्टरों ने उसकी हालत बिगड़ती देख उसे icu में वेंटीलेटर पर लगा दिया। डाक्टरों ने परिजनों को बताया कि ब्रेन डेड होने से अरुण का बचना मुश्किल है। जिससे उसके परिजनों ने डॉक्टर के सुझाव से उन्होंने अपना निर्णय बदल लिया और उन्होंने उसका अंग दान करने की सोची। पीजीआइ के नोडल डॉक्टर ने उन्हें समझाया कि अगर वह उसके कुछ ठीक अंग दान कर देते हैं तो इससे कई मरीजों की जिंदगी बच जाएगी।
पीजीआइ उन्हें एक कार्ड भी बनाकर देगा जिसके आधार पर वह कभी भी यह अंग पीजीआइ में निशुल्क रूप से किसी भी मरीज को भी उपलब्ध करवा सकते हैं।
इसके बाद परिजन अरुण के अंग दान के लिए मान गए। परिजनों की मंजूरी के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसके शरीर से लीवर, गुर्दे और पैनक्रिया निकाल ली, जिन्हें तीन अन्य मरीजों को प्रत्यारोपित कर नया जीवन दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

पहाड़ी क्षेत्रों में पार्किंग प्रबन्धन पर विशेष ध्यान दिया जाए: मुख्यमंत्री

  देहरादून / सनसनी सुराग जिला स्तरीय अधिकारियों