पानीपत: सेवा, सुरक्षा, सहयोग के दावे झूठे।

पानीपत: सेवा, सुरक्षा, सहयोग के दावे झूठे।

- in Panipat
156
0

 

पानीपत(सुनील वर्मा): जैसा की पुलिस का मतलब सब जानते हैं कि जो कि सेवा,सुरक्षा और सहयोग। लेकिन हमारी पुलिस किसी भी बात पर खरी नहीं उतर पा रही है जिसके परिणाम स्वरुप पुलिस के प्रति जनता का मन दिन-प्रतिदिन डर विश्वास और सहयोग की भावना घटती जा रही है। लोग पुलिस पर विश्वास नहीं करते हैं। 9 जुलाई 2018 को आस वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान सुनील कुमार के सामने एक शिकायत आई जो कि पूनम पत्नी संजय कुमार निवासी दुर्गा कॉलोनी बबैल रोड पानीपत की ओर से थी जो कि पड़ोस में हुए झगड़े के बारे में थी पूनम ने शनिवार दिनांक 7 जुलाई 2018 को थाना किला पानीपत में दरखास दी कि पड़ोस में उसका झगड़ा हो गया है और 3 औरतों ने मिलकर उसके घर पर आकर उसे मारपीट की।

जिसमें उसे अंदरूनी चोट आई, लेकिन 2 दिन तक इंतजार करने के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने में असमर्थ रही। जब आस वैलफेयर सोसाइटी के प्रधान सुनील कुमार थाना किला पानीपत पर उपस्थित कुछ लोगों से मिलने पहुंचे तो उन्होंने बताया कि थाना किला जब से थाना बना है वहां के हालात बहुत खराब हो गए हैं। ना तो पर्याप्त कर्मचारी है ना कोई शिकायत सुनने वाला है, ना पानी की व्यवस्था है, ना ही पब्लिक के बैठने की सुविधा है, जैसे कि अब बारिश के दिन है अगर बारिश आ जाए तो बारिश से बचने के लिए लोगों के खड़े होने की भी जगह नहीं है। बिजली, पंखे, बैठने के लिए सुविधा कुछ भी नहीं है। अगर बिजली चली जाए तो कोई इनवर्टर सुविधा नहीं है और जो इनवर्टर लगे हैं वह भी काम नहीं कर रहे हैं। चारों तरफ जप्त किए हुए वाहन जैसे मोटरसाइकिल, कार और ऑटो ही दिखाई देते हैं अगर पांच से 10 लोग इकट्ठे हो जाएं तो उनके बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है यहां तक कि पुलिस की अपनी गाड़ी भी बाहर सड़क पर खड़ी होती है जब प्रधान सुनील कुमार कर्मचारियों से मिले तो उन्होंने पहले तो इस बारे में बात करने से मना कर दिया लेकिन संस्था के बारे में बताने पर उन्होंने कुछ बातें बताइ और अपने आप को असमर्थ बताया क्योंकि कर्मचारीयों की प्राप्त स्थिति न होने के कारण दरखास्त तीन-चार दिनों तक पड़ी रहती है क्योंकि उन पर कार्यवाही करने के लिए कर्मचारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि रोज 25 से 30 शिकायतें आती हैं लेकिन कर्मचारीयों की कमी के कारण उन पर अमल नहीं हो रहा क्योंकि कर्मचारीयों की संख्या तकरीबन 40 से 45 है और शिकायतें ज्यादा हैं। किला चौकी का थाना बनने के बाद पुलिस को काफी ज्यादा एरिया दे दिया गया है।
जिससे शिकायतों की संख्या ज्यादा हो गई है इसमें थाना प्रबंधक जी को भी कई बार खुद शिकायतों को निपटाना पड़ता है।
हमारी सरकार पुलिस की छवि को खराब कर रही है जिससे लोग उचित कार्यवाही और न्याय से वंचित रह जाते हैं, क्योंकि पर्याप्त कर्मचारियों की कमी के कारण उचित कार्यवाही नहीं हो पाती है और जल्दी कार्यवाही की वजह से मुजरिम बच जाता है और निर्दोष लोगों को सजा मिलती है इससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। पुलिस की दयनीय स्थिति देखकर बहुत दुख होता है। प्रशासन को और महकमें को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

प्राथमिक विद्यालय बदलूगढ़ कैराना में बाल दिवस को बड़ी धूमधाम से मनाया गया

सनसनी सुराग न्यूज जनपद शामली राकेश सैनी व