उत्तरकाशी : डॉक्टर सप्ताह में एक दिन के लिये भी आने को नहीं तकते,आंखों में कैसे रोशनी आएगी

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  • संतोष साह / उत्तरकाशी

डॉक्टर सप्ताह में जब एक दिन के लिये भी पहाड़ चढ़ने को राजी नहीं तो मंत्री के आदेश के मायने ही क्या? डॉक्टर एक दिन के लिये भी पहाड़ चढ़ जाते तो कइयों के आँखों को रोशनी मिल जाती। दरअसल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों के क्रम में प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों,प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में हर माह में पड़ने वाले मंगलवार को नेत्र शिविर जिसमे मोतियाबिंद के आपरेशन भी हो आयोजित किये जाने के आदेश हैं।जिनका पालन किया जाना भी जरूरी है मगर हालात कुछ और हैं। नेत्र शिविरों की तिथि और दिन तो निश्चित है लेकिन इन शिविर के लिये जिस नेत्र सर्जन को जिम्मेदारी दी गई है वह देहरादून से सप्ताह में एक दिन भी पहाड़ में आने को राजी नहीं। सवाल उठता है कि जब डॉ एक दिन के लिये आने को राजी नहीं तो वह लंबे समय तक पहाड़ में क्या खाक रहेगा। उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय में अगस्त माह में नेत्र शिविर जिसमे मोतियाबिंद के आपरेशन भी होने थे उनकी तिथि 6 ,13 व 20 थी। इन तीनों तारीखों में मंगलवार था। जिसके लिये देहरादून से नेत्र सर्जन डॉ नेहा पांगती को उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय में मोतियाबिंद के आपरेशन करने थे मगर वह नहीं आई। यानि तीनों हफ्ते के तीन दिन बेकार गए और लोगों को आँखों की रोशनी नहीं मिल पाई। इस बीच तीन शिविरों में डॉ की गैरमौजूदगी को देखते हुए अब स्वास्थ्य निदेशक डॉ अंजली नौटियाल ने अगस्त माह के अंतिम मंगलवार यानि 27 अगस्त को उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय में मोतियाबिंद आपरेशन के लिये देहरादून से डॉ स्वाति शर्मा को भेजे जाने के आदेश जारी किये हैं।

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