मुज़फ्फरनगर: अपराधियों को सलाखों के पीछे भिजवाने में न रखें कोई कसर – जिलाधिकारी

मुज़फ्फरनगर: अपराधियों को सलाखों के पीछे भिजवाने में न रखें कोई कसर – जिलाधिकारी

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नवीन गोयल
मुजफ्फरनगर 04 मई 2018.. जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने कहा कि शासकीय अधिवक्ताओं का उदेश्य अपराधियों को लम्बी अवधि के लिए सलाखों के पीछे भिजवाने का होना चाहिए। उन्होने कहा कि मुकदमों को लम्बी अवधि तक लटकाया नही जाना चाहिए। उन्होने कहा कि पुराने वादों को वरियता के आधार पर निपटारा कराये। उन्होने कहा कि सरकारी वकीलों की समीक्षा अपराधियों को कितनी सजा दिलायी गयी है इसी आधार पर की जायेगी। उन्होने कहा कि प्रत्येक थानें से एैसे अपराधियो की सूची बनाकर प्रस्तुत की जाये जिन पर अधिकांधिक मुकदमें है। उन्होने कहा कि ऐसे कम से कम 20-20 अपराधियों की सूची बनाकर प्रस्तुत की जाये। उन्होने आईओ एवं डाक्टर्स आदि को प्रचलित संसाधनों के अलावा ईमेल और फोन अथवा फैक्स माध्यम से सूचना भेजे जाने के भी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं को कडे निर्देश दिये कि अपराधिक प्रवृत्ति के लोग सलाखों के पीछे नजर आने चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी प्रकार के वादों में प्रभावी पैरवी करें सभी बदमाश व अपराधिक प्रवृति के गुण्डा तत्व जेल में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि शासकीय अधिवक्ता वाद की तिथि से पूर्व अपने केसों की भलि प्रकार अध्ययन अवश्य करें तथा अपने गवाहों पर भी नजर रखें, गवाह किसी के बहकावे या लालच में ना आयें। जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधियों की किसी भी स्तर पर जमानत न होने दी जाये येे तभी सम्भव है जब वादों की प्रभावी पैरवी होगी। उन्होंने कहा कि अपराधी तत्वों को अधिकाधिक सजा दिलवायें ताकि अन्य लोगो को एक संदेश मिले और वे अपराध करने से डरे। उन्होने कहा कि सभी प्रकार के वादों में गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चत कराई जाये।
जिलाधिकारी राजीव शर्मा आज कलैक्ट्रेट सभागार में मासिक अभियोजन प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे थे। जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देश दिये कि अभियोजन प्रक्रिया को चुस्त दुरूस्त व व्यवहारिक बनायें ताकि अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कठोर सजा दिलाई जा सके तथा अन्य अपराधिक तत्वों में दहशत बनी रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियोजन प्रक्रिया को गतिमान करने के लिए जिला स्तर पर सम्मन समितियों की नियमित बैठकें भी आयोजित करें व एस0पी0ओ0 अपने स्तर पर भी सप्ताह में नियमित बैठक में वादों की समीक्षा करें। जिलाधिकारी ने कहा कि पोक्सो एक्ट प्रकरणों में प्राथमिकता पर चार्जसीट लगवाना सुनिश्चित करे और मुल्जिमों की गिरफ्तारी शीघ्र कराये और समस्त कार्यवाही समयावधि में पूर्ण करे। उन्होने कहा कि वादो के निस्तारण में तेजी लायी जाये और अपलोडिंग का कार्य भी समय से पूर्ण कराये। जनपद की रेंकिंग अच्छी होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गम्भीर वादों के सम्बंध में यदि कोई समस्या आती है तो एस0एस0पी0 से सम्पर्क किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सम्बंधित थानों से भी सम्पर्क कर वादों के निस्तारण में सहयोग लिया जा सकता है, हर स्थिति में बदमाश व गुण्डा तत्व जेल में नजर आने चाहिये। जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधिक तत्वों के हौंसले तभी पस्त होंगे जब शासकीय अधिवक्ता प्रभावी पैरवी करेंगे बदमाश व गुण्डा लोगों की जमानत न होने दें। जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि सबसे अधिक पुराने वादो में पैरवी करा कर उन्हे निस्तारित कराये।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि पीडित और गवाहों से जाकर मिले तथा उन्हेे सुरक्षा दिलाये और साक्ष्य जुटाकर शीघ्र ही आपराधिक प्रवृति के लोग सलाखों के पीछे भिजवाये। उन्होने शासकीय अधिवक्तओं से कहा कि गवाही के समय गवाह के साथ आई0ओ0 व पुलिस न होने पर तत्काल सूचित करें। गवाह को पुलिस सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जायेगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरीश चन्द्र, पुलिस अधीक्षक यातायात बी0बी0 चौरसिया, डीजीसी, एडीजीसी तथा सहित शासकीय अधिवक्ता उपस्थित थे।

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