Exclusive : उत्तरकाशी : गंगा तट पर बगैर लाइसेंस के कौन मुफ्त में खा रहा मटन,चिकन व कमीशन

Exclusive : उत्तरकाशी : गंगा तट पर बगैर लाइसेंस के कौन मुफ्त में खा रहा मटन,चिकन व कमीशन

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  • संतोष साह

उत्तरकाशी नगर में मांस को लेकर कोई नियम नहीं। आश्चर्यजनक बात की गंगा के तट पर बगैर लाइसेंस के मांस बिक रहा है। कहाँ कट रहा है इसका कहीं बायलॉज नहीं है। किसने लाइसेंस जारी करने हैं इसका कहीं अता-पता नहीं है। नगर में मांस जिसमे मटन व चिकन के बूचडख़ाने शामिल हैं धड़ल्ले से चल रहे हैं। ताजा मांस बिक रहा है या फिर बासी इसका कोई अंदाजा नहीं। वह इसलिये की कभी इस ओर व्यवस्थाओं के रहनुमाओं का ध्यान नहीं जाता और यदि जाता भी होगा तो बगैर लाइसेंस का ठप्पा लग जाता होगा।

इसके अलावा स्लाटर हाउस जो कि मांस के लिये जरूरी है वह कहाँ बसा है इसका भी कोई अता-पता नहीं। कुल मिलाकर गंगा तट के नगर में मांस बिक्री को लेकर सब कुछ गोलमाल है।
गौरतलब है कि उत्तरकाशी में एक दर्जन से कहीं अधिक मांस की दुकानें चल रही हैं वह भी बगैर लाइसेंस के। पिछले वर्षों तक जिला पंचायत मांस की दुकानों के आवंटन को लेकर लाइसेंस जारी करती थी। लेकिन अब जहां मांस की दुकानें हैं वह पंचायत में न होकर नगर विकास में है लिहाजा नगर पालिका की जिम्मेदारी बनती है।

नगर पालिका के ईओ सुशील कुमार कुरील से जब नगर में मांस की दुकानों के लाइसेंस जारी होने की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि अभी पालिका की ओर से लाइसेंस जारी नहीं हुए हैं। लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि इसमें देर सवेर मांस की दुकानों को एनओसी देनी होगी तभी लाइसेंस जारी होगा। अलबत्ता सबसे बड़ा सवाल की पिछले एक साल से बगैर लाइसेंस की दुकानों को जो संरक्षण मिल रहा है वह नियम कानून को ठेंगा जरूर दिखा रहा है। मतलब सब जायज है।

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