मदरसों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ें, एसडीएम अमित पाल शर्मा

मदरसों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ें, एसडीएम अमित पाल शर्मा

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सनसनी सुराग न्यूज
विशाल भटनागर/डॉ0 रणवीर सिंह वर्मा
कैराना जनपद शामली

*मदरसों के बच्चों को मुख्यधारा से जाेडे: एसडीएम*

कैराना: मदरसे के बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए संचालक सरकार से मदरसों की मान्यता लेंगे। शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान मदरसा संचालकों ने दीनी तालीम प्रभावित न हों, लिहाजा मदरसों की जल्द ही मान्यता कराने की बात रखी है।

बुधवार को तहसील सभागार में शिक्षा विभाग की ओर से ब्लॉक क्षेत्र के मदरसा संचालकों की बैठक आहूत की। इस अवसर पर एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा ने कहा कि धार्मिक तालीम जरूरी है, क्योंकि इससे इंसान सीखता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक मध्यम वर्ग के हैं। यदि वह धार्मिक शिक्षा पर ही निर्भर रहते, तो इस पद पर नहीं होते। रिटायर्ड शिक्षक पिता चाहते तो सोना, प्रोपर्टी कुछ भी खरीद लेते, लेकिन पढ़ाई और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में लगे रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा मौलिक अधिकार है। बच्चा वर्ग मांग नहीं कर सकता है, लेकिन हमें इसका ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि वह धार्मिक तालीम के साथ-साथ बच्चों को स्कूल भी भेजें। एसडीएम ने भावुक होते हुए कहा कि समाज में लड़का और लड़की को समानता के अधिकार के प्रति लोगों को जागरूक करें। बेटियों को बेटों जितना ही हक देना चाहिए।

 

 

 

जमीयत उलमा-ए-हिंद के पउप्र अध्यक्ष मौलाना आकिल ने कहा कि शिक्षा पैदाइशी हक है। शरीयत भी इसे कहती है। शिक्षा लाजिम और जरूरी कही गई। इसकी अहमियत से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल की पढ़ाई भी मदरसों की पढ़ाई के समय होती है, इसलिए बच्चों को स्कूलों में भेजें तो धार्मिक पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि बेहतर तो यही होगा कि मदरसा संचालक जल्द ही मदरसों की सरकार से मान्यता ले लेंगे, जिसके बाद प्राइमरी तालीम भी मदरसों में ही बच्चे हासिल कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे तमाम मदरसे हैं, जिनमें प्राइमरी तालीम भी दी जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी राज लक्ष्मी पांडेय ने कहा कि सरकार की ओर से इस अभियान पर तवज्जो दी जा रही है, जिसमें छह से 14 वर्ष तक आयु के बच्चों को स्कूल चलने के लिए जोर दिया जा रहा है।

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सनसनी सुराग न्यूज तसलीम आलम/डॉ0 रणवीर सिंह वर्मा