कर्मचारियों ने निकाली आक्रोश रैली, मांगें नहीं मानने पर चुनाव में भुगतने होंगे परिणाम

कर्मचारियों ने निकाली आक्रोश रैली, मांगें नहीं मानने पर चुनाव में भुगतने होंगे परिणाम

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धोलपुर (रोहित शर्मा)- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संर्घष समिति के बैनर तले रविवार को कर्मचारियों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए आक्रोश रैली निकाली। रैली के बाद आयोजित सभा में कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर अपनी हठधर्मिता जारी रखी तो प्रदेश का कर्मचारी हड़ताल करेगा। कर्मचारियों की मांगें नहीं मानने के परिणाम सरकार को चुनाव में भुगतने होंगे। सरकार ने कर्मचारियों की आक्रोश रैली से एक दिन पूर्व सातवें वेतनमान को लेकर आदेश जारी कर आग में घी का काम किया। कर्मचारियों में आज इसका गुस्सा भी साफ दिखलाई दिया।
सातवें वेतन आयोग के लिए कई कर्मचारी संगठन एक होकर संघार्ष कर रहे हैं। इसी का परिणाम रहा कि रविवार का अवकाश होने के बावजूद रैली और सभा में कर्मचारियों की काफी भीड़ नजर आई। रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर से कर्मचारी आए। जयपुर में अलग-अलग विभागों से कर्मचारियों का जत्था रैली के रूप में सिविल लाइन स्थित सभा स्थल पहुंचा।
संघर्ष समिति के जिला प्रवक्ता चंद्रभान चौधरी ने बताया कि मुख्य रैली रामनिवास बाग से निकाली गई। रैली में शामिल कर्मचारियों ने अपने हाथों में बेनर पोस्टर ले रखे थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।
संघर्ष समिति संयोजक आयुदान सिंह काविया व सह संयोजक गजेन्द्र सिंह ने कहा है कि सरकार ने कर्मचारी आंदोलन को कमजोर करने और कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने की मंशा से अधूरी घोषणाएं की है। सरकार की ओर से राज्य कर्मियों के साथ धोखा किया गया है। 7वें वेतनमान को 1 जनवरी 2017 से लागू कर राज्य के आठ लाख राज्य कर्मचारियों को ही नहीं लाखों पेंशनर्स के आर्थिक हितों के साथ खिलवाड़ किया है। सातवें वेतनमान में पुनरू 2400ए 2800 एवं 4800 ग्रेड पे में अलग-अलग लेवल बनाकर चयनित वेतनमान में भी कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है।
यह हैं कर्मचारियों की मांगें
– सातवां वेतन आयोग एक जनवरी 2016 से लागू करना तथा एरियर का नगद भुगतान करना
– अनुसूची 5 में किए गए संशोधनों को निरस्त करने
– केंद्र के समान पे मैट्रिक्स निर्धारित करना
– सुराज संकल्प-पत्र 2013 की कर्मचारी कल्याण की घोषणाओं की क्रियान्विति
– अधिनस्थ, मंत्रालय एवं अन्य संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करना
– अस्थाई, संविदा, मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को रिक्त पदों पर स्थाई नियुक्ति
– नवीन अंशदाई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की।
जिला प्रवक्ता चंद्रभान चौधरी ने बताया कि धौलपुर जिले से संयोजक और सहसंयोजक योगेश पाण्डे के नेतृत्व में करीब 500कर्मचारियों ने भाग लिया जिनमेयादवीर गुर्जर, चंद्रभान चौधरी, भागेंदर परमार, मनीष पहाड़िया, रामलखन, मुकेश मीणा, मनोज मीणा, महेन्द मीणा, घनश्याम शर्मा, मानसिह भारती, होमेस्वर कुशवाहा, कप्तान, श्यामवीर गुर्जर,महेंद्र पटवारी,भारत गुर्जर, राजेश शर्मा, ओमप्रकाश मंगल, महेश गोस्वामी, ओमनरेश डागुर, सुरेन्द राना, मंगल मीणा, राजकुमार मुदगल, भीकमशर्मा, मीना शर्मा, अरुण गुर्जर, दिनेश सेक्ससेना,रिंकेश बघेला, रघुवीर बघेला, देवेंद्र कुंतल,राजेश, महेश लोधा, राजेन्द्र राजपूत, राघवेंद्र, होमेस्वर, दिवारी लाल,हेमंत परमार, महेश शर्मा राजकुमार मुदगल,रेखा शर्मा, चिंकी शर्मा, सुशीला, अनिता जिगोनिया, कसमलेश मित्तल, प्रवेश, प्रीति परमार, गीता शर्मा, आदि लोगों ने भाग लिया

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