हमने रोकी कमर तोड़ महंगाई: पीयूष गोयल वित्तमंत्री

हमने रोकी कमर तोड़ महंगाई: पीयूष गोयल वित्तमंत्री

 

डॉ0 रणवीर सिंह वर्मा
पांच लाख रुपए तक कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा, कुल मिलाकर साढ़े छह लाख की कमाई टैक्स फ्री
• बैंक, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट ब्याज पर टीडीएस छूट 10 से बढ़कर 40 हजार,
°स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट 50 हजार रु.
• ग्रैच्युटी सीमा 10 से बढ़ाकर 30 लाख रुपए हुई, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 3 हजार रुपए की पेंशन • पीएम किसान योजना लॉन्च, तीन किश्तों में 6000 रुपए प्रति वर्ष सीधे किसानों के खाते में
• अब सभी इनकम टैक्स रिटर्न 24 घंटे में प्रोसेस होंगे और तुरंत रिफंड मिलेगा, सब कुछ ऑनलाइन
• एक घर बेचकर दो घर लेने पर कैपिटल गेन नहीं टैक्स लगेगा, सालाना 2.4 लाख तक घर किराये पर टीडीएस नहीं
• सस्ते घर के लिए एक लाख रुपए तक की टैक्स छूट एक साल के लिए और बढ़ी, बिना बिके घरों पर 2 साल तक टैक्स छूट
अब 5 लाख तक की आय टैक्स फ्री, 5 एकड़ तक के किसानों के खाते में हर साल 6000 रु डाले जाएंगे

प्रमुख घोषणाएं
आयकर छूट की सीमा दोगुनी की गई

आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए की गई। इससे टैक्सपेयर को सालाना 12,500 रुपए की बचत होगी।
डेढ़ लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट करने पर साढ़े छह लाख रुपए तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया गया है।
बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर कर (टीडीएस) में छूट 10 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए की गई है।
अगर 2.40 लाख रुपए तक का किराया मिलता है तो टीडीएस नहीं देना होगा।
कैपिटल गेन्स के तहत निवेश की लिमिट एक घर से बढ़ाकर दो घर कर दी गई है। जीवन में एक बार यह छूट मिलेगी। दो करोड़ रुपए तक का ऐसा निवेश कर सकेंगे।
गरीब लोग अगर 31 मार्च 2020 तक घर बुक करा रहे हैं तो इनकम टैक्स में उन्हें छूट मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा- तीन करोड़ मिडिल क्लास टैक्स पेयर्स, स्मॉल ट्रेडर्स, पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन्स को टैक्स में राहत मिलेगी। इससे सरकार पर 18,500 करोड़ रुपए का भार आएगा।
ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 3 गुना की गई..?

ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए की गई है? हर श्रमिक के लिए न्यूनतम पेंशन अब एक हजार रुपए हो चुकी है।
किसानों को सालाना 6000 रुपए नकद देने की योजना

5 एकड़ तक के किसानों के खाते में प्रति वर्ष 6000 रुपए डाले जाएंगे। यह रकम दो-दो हजार रुपए की तीन बराबर किश्तों में दी जाएगी। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। करीब 12 करोड़ किसानों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
यह योजना 1 दिसंबर 2018 से ही लागू होगी। दो हजार रुपए की पहली किस्त जल्द ही किसानों की सूचियां बनाकर उनके खातों में डाली जाएगी। इस कार्यक्रम का अनुमानित खर्च 75 हजार करोड़ रुपए होगा जो केंद्र सरकार वहन करेगी।
वित्त्त मंत्री ने कहा- 20 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कर रहे हैं। अगले वर्ष के लिए 75 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव रख रहे हैं।
किसानों का फसली खर्च बढ़कर 11.68 लाख करोड़ रुपए हो गया है। सॉइल हेल्थ कार्ड, नीम कोटेड यूरिया जैसी योजनाओं के जरिए हम किसानों की प्रभावी पांच साल से कर रहे हैं।
हमारी सरकार ने तय किया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले सभी किसानों को 2 फीसदी ब्याज और समय पर कर्ज लौटाने पर तीन फीसदी अतिरिक्त ब्याज माफी का फायदा मिलेगा। इस तरह उन्हें ब्याज में 5 फीसदी की छूट मिलेगी।
दुनिया के मत्स्यपालन में भारत की हिस्सेदारी 6.8 फीसदी है। हमने मछली पालन का एक अलग विभाग बनाने का फैसला किया है।
पशुपालन और मछली पालन करने वाले किसानों को भी क्रेडिट कार्ड के जरिए लिए जाने वाले कर्ज के ब्याज में दो फीसदी ब्याज की छूट दी जाएगी। इस तरह सभी किसानों को एक जैसा दर्जा मिलेगा।
श्रमिकों के लिए पेंशन योजना

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत गैर-संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 3 हजार रुपए की पेंशन हर महीने दी जाएगी। यह 60 साल की उम्र के बाद मिलेगी। इससे के 10 करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा।
किसे क्या मिला
इनकम टैक्स
किसान
गांव-गरीब
मिडिल क्लास
अब 5 लाख तक आय वालों को नहीं देना होगा कोई टैक्स, डेढ़ लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट करने पर साढ़े छह लाख रुपए तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा भी 40 हजार से बढ़कर 50 हजार हुई
अगर 2.40 लाख रुपए तक का किराया मिलता है तो टीडीएस नहीं देना होगा
कैपिटल गेन्स के तहत निवेश की लिमिट एक घर से बढ़ाकर दो घर कर दी गई है। जीवन में एक बार यह छूट मिलेगी। दो करोड़ रुपए तक का ऐसा निवेश कर सकेंगे।
बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर कर (टीडीएस) में छूट 10 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए की गई है
तीन करोड़ मिडिल क्लास टैक्स पेयर्स, स्मॉल ट्रेडर्स, पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन्स को टैक्स में यह राहत मिलेगी। इससे सरकार पर 18,500 करोड़ रुपए का भार आएगा
खत्म होगी टैक्स अफसर की भूमिका
अगले दो साल में आईटीआर का वेरिफिकेशन तुरंत ऑनलाइन होगा। इसमें किसी टैक्स अफसर की भूमिका नहीं होगी। आगे चलकर स्क्रूटनी के लिए भी दफ्तर नहीं जाना होगा। टैक्स अफसर कौन है और टैक्स देने वाला कौन है, यह दोनों को पता नहीं चल पाएगा।
इनकम टैक्स से जुड़ी सभी समस्याओं का ऑनलाइन समाधान हो रहा है। 99.54 प्रतिशत इनकम टैक्स रिटर्न्स को बिना किसी छानबीन के मंजूर किया गया है। अब 24 घंटे में सभी इनकम टैक्स रिटर्न प्रोसेस होंगे और तुरंत रिफंड दिए जाएंगे।
टैक्स कलेक्शन 2014 में 6.38 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 12 लख करोड़ रुपए हुआ है। 6.85 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हुए हैं।

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सनसनी सुराग न्यूज विशाल भटनागर/डॉ0 रणवीर सिंह वर्मा